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महंगाई 39 महीने के अधिकतम स्तर पर, थोक महंगाई 6.55 फीसदी हुई

थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर फरवरी महीने में बढ़कर 39 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. फरवरी में खाद्य सामग्री और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे से महंगाई बढ़कर 6.55 फीसदी पर पहुंच गई है. जनवरी में थोक मंहगाई 5.25 फीसदी पर थी.

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फिर बढ़ी थोक मंहगाई, 39 महीने के उच्चतम स्तर पर
फिर बढ़ी थोक मंहगाई, 39 महीने के उच्चतम स्तर पर

थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर फरवरी महीने में बढ़कर 39 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. फरवरी में खाद्य सामग्री और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे से महंगाई बढ़कर 6.55 फीसदी पर पहुंच गई है. जनवरी में थोक मंहगाई 5.25 फीसदी पर थी.

खाने पीने की चीजों के दाम में इजाफा
केन्द्र सरकार द्वारा मंगलवार जारी आंकड़ों में फरवरी के दौरान 2.69 फीसदी बढ़ी है जबकि जनवरी में खाद्य कीमतों में 0.56 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी. फरवरी में महंगाई बढ़ने के लिए अनाज, चावल और फलों की कीमतों में इजाफा है.

कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी महंगाई
के आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतें जनवरी के 18.14 फीसदी इजाफे की तुलना में फरवरी में 21.02 फीसदी रही. पेट्रोल की थोक मंहगाई जनवरी के 15.66 फीसदी के आंकड़े से बढ़कर फरवरी के दौरान 16.72 फीसदी दर्ज हुई है.

दिसंबर के आंकड़ों में संशोधन
थोक महंगाई के इन आंकड़ों के बाद केन्द्र सरकार ने दिसंबर महंगाई दर के आंकड़ों में संशोधन करते हुए 3.39 फीसदी से बढ़ाकर 3.68 फीसदी कर दिया है.

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सस्ती सब्जियां अब हुई महंगी
थोक मुल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्तूबर में 3.39 प्रतिशत थी. वहीं नवंबर 2015 में यह -2.04 प्रतिशत थी. वहीं सब्जियों के मामले में थोक मुद्रास्फीति (डब्ल्यूपीआई) नवंबर में 24.10 प्रतिशत ( -24.10 प्रतिशत) नीचे आई. यह लगातार तीसरा महीना था, जब सब्जियों की महंगाई में कमी की प्रवृत्ति बनी हुई है. सब्जियों के दाम में नरमी का अहम कारण प्याज का सस्ता होना है, जिसके दाम आधे से ज्यादा घट गए हैं.

 

 

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