रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश के दो बड़े बैंकों लगाया है. इन पर यह जुर्माना अपने ग्राहकों की पहचान (KYC) नहीं करने और मनी लॉन्ड्रिंग के कारण लगाया गया है. आईसीआईसीआई बैंक पर 50 लाख रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
रिजर्व बैंक ने उन दोनों बैंकों पर जुर्माना लगाने के बाद एक बयान जारी करके कहा कि उन्होंने इस दिशा में समय पर कदम नहीं उठाए थे. इन बैंकों के अलावा रिजर्व बैंक ने एक्सिस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से कहा है कि वे KYC नियमों का पालन करें. इसके तहत उन्हें अपने सभी ग्राहकों की पहचान करनी होती है.
रिजर्व बैंक को इनके बारे में अगस्त 2013 में शिकायत मिली थी. उसमें इन पांचों बैंकों के बारे में शिकायत थी. इसकी जांच के बाद यह कदम उठाया गया था. शिकायत की गई थी कि कुछ धोखेबाजों ने वहां फर्जी खाते खोले थे और चेक, डिमांड ड्राफ्ट धोखाधड़ी से भुनाए जा रहे थे.
यह पहला मौका नहीं है जब रिजर्व बैंक ने बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की. इसके पहले भी आईसीआईसीआई बैंक पर 5 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था.