दशकों से आगरा टूरिज्म का हब रहा है देश और दुनिया से लोग यहां ताजमहल का दीदार करने आते हैं. अब ये शहर अपनी पुरानी और संकरी गलियों की पहचान से बाहर निकलने को तैयार है. आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के 'मास्टर प्लान 2041' को हरी झंडी मिलने के बाद अब यमुना किनारे एक आधुनिक शहर बनने को तैयार है, जिसे 'न्यू आगरा' कहा जा रहा है.
इस नए शहर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे दिल्ली-NCR के निवेशक अब नोएडा के बाद आगरा को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं, क्योंकि यहां जमीन की कीमतें फिलहाल नियंत्रण में हैं और भविष्य में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं.
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क्या है मास्टर प्लान 2041?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत मास्टर प्लान 2041 का मुख्य उद्देश्य आगरा की बढ़ती आबादी और पर्यटन के दबाव को व्यवस्थित करना है. वर्तमान में आगरा का बड़ा हिस्सा अनियोजित विकास और ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है. मास्टर प्लान 2041 के तहत शहर का दायरा बढ़ाकर इसमें आसपास के 140 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है. न्यू आगरा' को आगरा-ग्वालियर रोड और इनर रिंग रोड के आसपास बसाया जाएगा. चौड़ी सड़कें, समर्पित साइकिल ट्रैक, पर्याप्त ग्रीन बेल्ट और सुव्यवस्थित कमर्शियल सेक्टर होंगे.
यहां सड़कों का जाल ग्रिड सिस्टम पर आधारित होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या शून्य हो जाएगी. रिहायशी इलाकों, स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों के लिए अलग-अलग सेक्टर निर्धारित किए गए हैं.
ताजमहल और अन्य स्मारकों की सुरक्षा को देखते हुए एक बड़ा हिस्सा 'नो कंस्ट्रक्शन जोन' और 'ग्रीन बफर' के रूप में विकसित किया जाएगा. आगरा के पुराने इलाकों में सबसे बड़ी समस्या जाम की है. मास्टर प्लान 2041 में इसे हल करने के लिए 'ट्रांसपोर्ट नगर' और 'लॉजिस्टिक्स हब' को शहर के बाहरी हिस्सों में शिफ्ट करने का प्रस्ताव है.
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बनेंगे हाउसिंग प्रोजेक्ट
न्यू आगरा को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और लखनऊ एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी. आगरा मेट्रो के आगामी फेज को न्यू आगरा के प्रमुख केंद्रों से जोड़ा जाएगा, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग बढ़ेगा.
शहर के चारों ओर रिंग रोड होने से भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, न्यू आगरा का विकास व्यवस्थित होने के कारण यहां प्लॉटेड डेवलपमेंट और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी है. मास्टर प्लान में नए होटल, कन्वेंशन सेंटर और आईटी पार्क्स के लिए विशेष भूमि आवंटित की गई है, जो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी.
चुनौतियां और पर्यावरण संरक्षण
ताज ट्रैपेजियम जोन (TTZ) के अंतर्गत आने के कारण आगरा में कोई भी नया विकास पर्यावरण नियमों के अधीन है. मास्टर प्लान 2041 में सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है. यमुना नदी के किनारों को 'रिवर फ्रंट' के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन वहां पक्का निर्माण सीमित रखा जाएगा ताकि नदी के इकोसिस्टम को नुकसान न पहुंचे.