scorecardresearch
 

बुलेट ट्रेन और रेलवे अपग्रेडेशन के बीच उजड़ गया बांद्रा का 'गरीब नगर'

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर हो रही इस कार्रवाई से जहां मुंबई के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हुलिया पूरी तरह बदल जाएगा, वहीं चुनावी वादों और जमीनी हकीकत के बीच फंसे सैकड़ों परिवार इस चिलचिलाती गर्मी में बेघर हो गए हैं.

Advertisement
X
गरीब नगर में 400 से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त (Photo-वेस्टर्न रेलवे)
गरीब नगर में 400 से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त (Photo-वेस्टर्न रेलवे)

अगर आप हाल फिलहाल में मुंबई के बांद्रा उपनगर गए हैं, तो आपने निश्चित रूप से उखड़ी हुई सड़कें, लगभग हर मोड़ पर ट्रैफिक डायवर्जन और शहर के सबसे पॉश इलाकों में से एक के बड़े हिस्से को किसी 'युद्ध क्षेत्र' की तरह तब्दील होते देखा होगा. यह फिलहाल बांद्रा वेस्ट का हाल है.

अब, इस पूरे उपनगर को एक बड़े कनेक्टिविटी हब में बदलने के लिए बांद्रा ईस्ट भी इस कायाकल्प की मुहिम में शामिल हो गया है. इस कवायद का मकसद मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करना और यात्रियों को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में बनने वाले मुंबई के आगामी बुलेट ट्रेन स्टेशन के और करीब लाना है.

पश्चिम रेलवे ने मंगलवार को बांद्रा ईस्ट स्टेशन के पास रेलवे पटरियों से सटे स्लम इलाके 'गरीब नगर' में चार दिनों का एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया है. इस खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल उपनगरीय रेलवे के महत्वपूर्ण अपग्रेडेशन के लिए किया जाएगा. पश्चिम रेलवे की योजना सांताक्रूज-मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर पर पांचवीं और छठी लाइन का विस्तार करने की है., लंबे समय से लंबित इस परियोजना का उद्देश्य लोकल ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ को कम करना, समग्र रेल परिचालन में सुधार करना और मुंबई से 50 नई ट्रेनें शुरू करने का रास्ता साफ करना है.

Advertisement

इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लगभग 500 मीटर के दायरे में फैले घरों और दुकानों सहित 400 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है. यह बेदखली अभियान बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद शुरू किया गया है, जिसमें कोर्ट ने अवैध अतिक्रमणों को हटाने की अनुमति देने के साथ-साथ अधिकारियों को पात्र निवासियों के अधिकारों की रक्षा करने का भी निर्देश दिया था.

रेलवे अधिकारियों और अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, 10 और 11 अगस्त 2021 को किए गए बेसलाइन सर्वे में पात्र पाए गए केवल 100 के करीब निवासी ही पुनर्वास के हकदार हैं. इन वैध निवासियों को राज्य सरकार द्वारा वैकल्पिक आवास पहले ही मुहैया करा दिया गया है या आगे करा दिया जाएगा.

बाकी बचे लोगों को इस मुख्य व्यावसायिक और ट्रांसपोर्ट हब से हटा दिया जाएगा. मौके से आ रही तस्वीरों में भारी मशीनें (चलती हुई, मलबे को हटाया जाता हुआ और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल दिखाई दे रहा है, जो इस अभियान को शांतिपूर्वक पूरा कराने में जुटा है.

मुंबई का सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान

इस बड़े अभियान से जो अतिरिक्त जगह खाली होगी, उसका इस्तेमाल बांद्रा लोकल स्टेशन को बांद्रा टर्मिनस से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए किया जाएगा. साथ ही, इससे लोकल ट्रेनों और लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट को बिल्कुल अलग-अलग करने में मदद मिलेगी. फिलहाल, आप किस रास्ते से जाते हैं इस आधार पर बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा लोकल स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर है.

Advertisement

इसके अलावा, रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) ने आधुनिकरण और कमर्शियल रीडेवलपमेंट के लिए पास की ही एक कीमती जमीन की नीलामी भी की है. मुंबईवासियों और बाहर से आने वाले लोगों, दोनों के लिए ही यह एक बहुत बड़ा बदलाव है, जो भारत के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक के ठीक बगल में हो रहा है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का स्टेशन यहां से कुछ ही दूरी पर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में बन रहा है.

BKC, जो गगनचुंबी इमारतों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के दफ्तरों के साथ मुंबई का नया सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट बन चुका है, वहाँ इस समय अंडरग्राउंड बुलेट ट्रेन स्टेशन के बड़े निर्माण कार्य की वजह से काफी अफरा-तफरी का माहौल है। लेकिन, जब यह काम पूरा हो जाएगा, तब यह हाई-स्पीड हब इस अपग्रेड हो रहे पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के बिल्कुल केंद्र में होगा.

(Image: Western Railways)

यहां यह ध्यान देना भी जरूरी है कि पास में ही स्थित एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में से एक, धारावी का भी 95,000 करोड़ रुपये के एक बड़े प्रोजेक्ट के तहत चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास और डिमोलिशन चल रहा है, आने वाले सालों में, मुंबई के इस हिस्से से झुग्गी-झोपड़ियां पूरी तरह से खत्म हो जाएंगी.

BKC कैसे बनेगा मल्टीमॉडल सेंटर 

आने वाले वर्षों में मुंबई का BKC एक आधुनिक मल्टीमॉडल सेंटर बन जाएगा. मुंबई मेट्रो की एक्वा लाइन पहले से ही इसे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल्स से बेहद कुशलता से जोड़ती है, वो भी मात्र 10-15 मिनट में, यहां का मौजूदा सड़क नेटवर्क मजबूत है, और अपग्रेड होने वाली लोकल ट्रेनें यात्रियों को इसके और करीब ले आएंगी.

Advertisement

यह BKC को तीन बड़े ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स का संगम केंद्र बनाता है, जो इस प्रकार हैं: उपनगरीय रेलवे (लोकल ट्रेन) का विस्तार, मेट्रो कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड रेल. इसके परिणामस्वरूप, बांद्रा उपनगर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बुलेट ट्रेन स्टेशन तक पहुंचने के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के बेहतर विकल्प मिलेंगे, और पहले से ही भारी दबाव झेल रही वेस्टर्न लाइन और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को बड़ी राहत मिलेगी. 

गरीब नगर और धारावी जैसे नजदीकी इलाकों के निवासियों ने अपना गुस्सा और हताशा जाहिर की है. कई झुग्गीवासियों, जिनमें से कुछ यहां पीढ़ियों से रह रहे हैं, का मानना है कि सिस्टम उन्हें सिर्फ चुनाव के मौसम में ही याद करता है. हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पात्र लोगों के पुनर्वास पर जोर दिया है, लेकिन इन अवैध निर्माणों के पीछे छिपी इंसानी कहानियां दिखाती हैं कि मुंबई के विकास की कीमत कितनी दर्दनाक और क्रूर है. दूसरी तरफ, अधिकारियों का साफ कहना है कि दीर्घकालिक जनहित  के लिए यह अतिक्रमण हटाओ अभियान बेहद जरूरी है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी 2021 में यह टिप्पणी की थी कि अनियंत्रित बस्तियां और कूड़ा-कचरा रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा खतरा हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement