गुरुग्राम की एक रेजिडेंशियल सोसायटी में मेंटेनेंस फीस नहीं देने वालों लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया है. जिन निवासियों के अपने मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान नहीं किया है, उनके नाम मेन गेट पर चस्पा कर दिए हैं और सेवाओं पर रोक लगाने की चेतावनी दी गई है.
ये मामला सोहना रोड स्थित उप्पल साउथएंड (Uppal Southend) सोसायटी का है. वहां के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने ये कार्रवाई की है, सैकड़ों घरों का लाखों रुपये का मेंटेनेंस फीस बकाया है.
कड़े कदम उठाते हुए RWA ने न केवल मुख्य द्वार पर डिफॉल्टरों के नामों की सूची सार्वजनिक कर दी है, बल्कि यह चेतावनी भी दी है कि बकाया भुगतान न करने पर घरेलू सहायकों का प्रवेश, कार वॉशिंग और फूड डिलीवरी जैसी अनिवार्य सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोकी जा सकती हैं.
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सोसायटी के रखरखाव में आ रही थी मुश्किल
RWA के महासचिव अनिल आनंद ने कहा कि यह कदम शुरुआत में केवल एक चेतावनी के रूप में था, लेकिन अब इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से बकाया भुगतान न होने के कारण सोसायटी के खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया है.
यह फैसला 8 फरवरी को आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) के बाद लिया गया है, जिसमें निवासियों ने बकाया मेंटेनेंस शुल्क की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की थी. RWA ने बताया कि इससे पहले भी नोटिस और अपील जारी की गई थीं, लेकिन कई निवासियों ने उन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. सोसायटी में लगभग 1,000 परिवार रहते हैं. नाम सार्वजनिक होने के बाद कुछ निवासियों ने अपना बकाया चुका दिया है, लेकिन अब भी कई लोग डिफॉल्टरों की सूची में बने हुए हैं.
इस कदम का असर अब दिखने लगा है. RWA के अनुसार, लिस्ट सार्वजनिक होने के बाद अब रोजाना करीब चार से पांच डिफॉल्टर अपना बकाया चुका रहे हैं. एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि यह सूची तब तक लगी रहेगी जब तक सारा बकाया चुकता नहीं हो जाता. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ निवासियों ने पिछले चार वर्षों से मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान नहीं किया है.
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आनंद ने कहा कि इसका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि सोसायटी की सुविधाओं में सुधार करना है, उन्होंने कहा, "यह कदम निवासियों को समस्या में डालने के लिए नहीं है. यह बेहतर प्रबंधन और सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए है."
RWA का कहना है कि जैसे-जैसे बकाया राशि जमा होनी शुरू हुई है, सोसायटी के कायाकल्प के कामों भी तेजी आई है. हाल ही में पूरी सोसायटी में CCTV कैमरे और फ्लडलाइट्स स्थापित की गई हैं. इसके साथ ही, हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन बेल्ट के सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू कर दिया गया है. मुख्य प्रवेश द्वार, जो लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और मरम्मत की बाट जोह रहा था, उसे भी अब आधुनिक रूप दे दिया गया है.
प्रशासन के इस कड़े रुख पर निवासियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है, जहां एक पक्ष अनुशासन और बेहतर सुविधाओं के लिए इस सख्त कार्रवाई की सराहना कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इन उपायों की व्यवहारिकता को लेकर अपनी चिंता और आपत्ति जता रहा है.
रिपोर्ट: नीरज वशिष्ठ
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