ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते पिछले कुछ समय से सुस्ती झेल रहा दुबई का रियल एस्टेट बाजार अब एक बार फिर बड़ी तेजी के लिए तैयार नजर आ रहा है. पश्चिम एशिया में हुए युद्धविराम के ऐलान ने क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को कम कर दिया है, जिससे निवेशकों के बीच फिर से सकारात्मक माहौल बनने लगा है.
इस शांति समझौते के बाद उन तमाम बड़े सौदों और लेन-देन के फिर से शुरू होने की उम्मीद है, जिन्हें युद्ध की अनिश्चितता और सुरक्षा चिंताओं के कारण अस्थायी रूप से रोक दिया गया था. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव कम होते ही निवेशक 'रुको और देखो' की नीति को छोड़कर अब सक्रिय रूप से बाजार में लौट रहे हैं, जिससे निकट भविष्य में संपत्ति की मांग और कीमतों में एक नया उछाल देखने को मिल सकता है.
हालांकि ईरान-इजरायल तनाव के बीच दुबई के रियल एस्टेट बाजार में सौदों के बंद होने की गति थम गई थी, लेकिन ब्रोकर्स और सलाहकारों का कहना है कि अधिकांश लेनदेन केवल टाल दिए गए थे रद्द नहीं हुए.
यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट तनाव का असर, भारतीय रियल एस्टेट से विदेशी निवेशकों ने खींचे हाथ
गिर गई थी प्रॉपर्टी की सेल
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच दुबई के रियल एस्टेट से निवेशकों का भरोसा डगमगाने लगा था, DLD के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के अंत में प्रॉपर्टी की बिक्री में 40 फीसदी तक की गिरावट देखी गई थी. 28 फरवरी से 22 मार्च के बीच 8059 प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन हुआ था.
दुबई के लिए 2025 का साल ऐतिहासिक रहा था, करीब 187 मिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी की सेल हुई थी, हजारों करोड़पतियों दुबई में शिफ्ट हुए थे. लेकिन अमेरिका, इजरायल और ईरान के तनाव ने यहां के रियल एस्टेट सेक्टर को हिलाकर रख दिया था. एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोरोना के बाद ऐसा पहली बार था जब दुबई के रियल एस्टेट मार्केट में इतनी सुस्ती देखी गई थी.
यह भी पढ़ें: अमेरिका में कर्ज महंगा, दुबई और भारत में खरीदार गायब... रियल एस्टेट पर जंग से संकट