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दिल्ली वालों की घर बैठे होगी तगड़ी कमाई! जानें क्या है 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' पॉलिसी

बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी दिल्ली के आम नागरिकों के लिए खाली पड़े घरों से कमाई का एक बड़ा जरिया बनेगी और दिल्ली के होमस्टे इकोसिस्टम को एक नया जीवन देगी. 

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घर बनेगा कमाई का जरिया: दिल्ली की नई B&B पॉलिसी से घर बैठे कमाएं एक्स्ट्रा पैसा, जानें कैसे  दिल्ली में होमस्टे खोलकर कमाएं बंपर मुनाफा (Photo-ITG)
घर बनेगा कमाई का जरिया: दिल्ली की नई B&B पॉलिसी से घर बैठे कमाएं एक्स्ट्रा पैसा, जानें कैसे दिल्ली में होमस्टे खोलकर कमाएं बंपर मुनाफा (Photo-ITG)

दिल्ली सरकार ने राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से अपनी नई 'ड्राफ्ट बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) पॉलिसी 2026' को पेश कर दिया है. इस कदम से मकान मालिकों को अपने घरों में पर्यटकों को ठहराकर कानूनी रूप से कमाई करने का मौका मिल सकता है.

इस प्रस्तावित नीति का उद्देश्य दिल्ली में एक नियंत्रित और व्यवस्थित होमस्टे इकोसिस्टम तैयार करना है, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को किफायती रहने की जगह मिल सके और स्थानीय निवासियों के लिए अतिरिक्त कमाई के अवसर पैदा हों.

पर्यटन विभाग ने इस ड्राफ्ट पॉलिसी को पब्लिक डोमेन में रख दिया है और इसे अंतिम रूप देने से पहले 30 दिनों के भीतर जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. अगर यह नीति लागू होती है, तो इससे दिल्ली के होमस्टे सेक्टर को एक नया जीवन मिल सकता है और मकान मालिकों को अपने खाली कमरों से कमाई करने का एक नया जरिया मिलेगा.

अपने ऐतिहासिक स्मारकों, सांस्कृतिक आकर्षणों, फूड हब्स, बाजारों और तीन यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की बदौलत दिल्ली हर साल लाखों घरेलू और विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है. हालांकि, अब वैश्विक स्तर पर पर्यटकों की पसंद बदल रही है.

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आजकल बहुत से पर्यटक पारंपरिक होटलों के बजाय छोटे और कम्युनिटी-बेस्ड स्थानों पर ठहरना ज्यादा पसंद करते हैं, जहां उन्हें घर जैसा और अधिक व्यक्तिगत अनुभव मिल सके. दिल्ली सरकार का मानना है कि एक सुनियोजित बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी इस मांग को पूरा करने में मदद कर सकती है और साथ ही यह शहर के मौजूदा होटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बेहतर सहयोगी साबित होगी. 

मकान मालिक कैसे कर सकते हैं कमाई?

प्रस्तावित नीति के तहत, दिल्ली के निवासी अपनी पात्र आवासीय संपत्तियों को बेड एंड ब्रेकफास्ट यूनिट के रूप में रजिस्टर्ड करा सकते हैं और मेहमानों को सशुल्क ठहराने की सुविधा दे सकते हैं. 

दिल्ली सरकार की इस नई 'बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) पॉलिसी 2026' के तहत केवल कानूनी रूप से बनी आवासीय संपत्तियों के मालिक ही रजिस्ट्रेशन के पात्र होंगे. इस योजना के दायरे में मकान मालिक अपने घर में पर्यटकों के लिए कम से कम 1 कमरा और अधिकतम 8 कमरे किराए पर दे सकते हैं, जिसमें कुल मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 16 बेड लगाने की अनुमति होगी, इससे जिन लोगों के पास खाली कमरे या अतिरिक्त मंजिलें हैं, वे पर्यटकों, बिजनेस यात्रियों और छात्रों को ठहराकर नियमित कमाई कर सकेंगे.
 
हालांकि, इस नीति में होमस्टे और कमर्शियल बिजनेस के बीच एक साफ अंतर रखा गया है. यही वजह है कि होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, रिसॉर्ट्स, सर्विस्ड अपार्टमेंट, बैंक्वेट हॉल या किसी भी तरह के व्यावसायिक आतिथ्य प्रतिष्ठानों को इसमें शामिल होने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा, मकान मालिक अपने यहां कमर्शियल रेस्टोरेंट या बाहरी लोगों के लिए बार नहीं चला पाएंगे और न ही वे होटलों की तरह व्यावसायिक साइनबोर्ड लगा सकेंगे.

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मेहमानों की सुविधा और उनके बजट के अनुसार इस ड्राफ्ट पॉलिसी में होमस्टे यूनिट्स को 'गोल्ड' और 'सिल्वर' दो श्रेणियों में बांटा गया है. गोल्ड कैटेगरी में आने वाले मकानों के लिए ऊंचे मानक तय किए गए हैं, जिसके तहत कमरे का न्यूनतम आकार 120 वर्ग फुट होना चाहिए. साथ ही कमरे में अलमारी, स्टडी टेबल, टेलीविजन, फिल्टर किया हुआ पीने का पानी, बेहतर वेंटिलेशन और जरूरत के मुताबिक पंखे या एसी होना जरूरी है.
 

महिलाओं के लिए खास सुरक्षा

इस कैटेगरी में बाथरूम भी कम से कम 40 वर्ग फुट का होना चाहिए, जिसमें वेस्टर्न टॉयलेट, वेंटिलेशन और ठंडे-गर्म पानी की चौबीसों घंटे सुविधा हो. दूसरी ओर, सिल्वर कैटेगरी के तहत कमरों का न्यूनतम आकार 100 वर्ग फुट तय किया गया है, जहां साफ-सुथरे बिस्तर, कूलिंग की सुविधा, फिल्टर पानी और एक समर्पित या अटैच्ड बाथरूम जैसी बुनियादी जरूरतें मुहैया कराई जाएंग. इस वर्गीकरण से विदेशी और घरेलू मेहमान बुकिंग करने से पहले ही रहने की जगह के स्तर को आसानी से समझ सकेंगे.

सुरक्षा के मोर्चे पर, विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नीति में कड़े नियम बनाए गए हैं. सभी मकान मालिकों के लिए गेस्ट रजिस्टर मेंटेन करना, मेहमानों के पहचान पत्र का रिकॉर्ड रखना और उनकी पूरी जानकारी पर्यटन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही उन्हें पुलिस वेरिफिकेशन के नियमों का पालन करना होगा और घर में इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर डिस्प्ले करने होंगे. सुरक्षा उपकरणों के तौर पर हर यूनिट में अग्निशामक यंत्र, स्मोक या हीट डिटेक्टर, फर्स्ट-एड किट और दरवाजों पर मजबूत लॉक होना जरूरी है, जबकि गोल्ड कैटेगरी के मकानों के मुख्य दरवाजों और साझा जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य हो सकता है.

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रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल रखा गया है. मकान मालिक पर्यटन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर 'सेल्फ-सर्टिफिकेशन' और 'सेल्फ-रिन्यूअल' के जरिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद फीस जमा होने और पूरा फॉर्म भरने के महज 7 कार्य दिवसों के भीतर 'डीम्ड अप्रूवल' यानी स्वतः मंजूरी मिल जाएगी. नियमों का पालन कराने के लिए अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने का पूरा अधिकार होगा. अगर जांच में कोई कमी मिलती है तो सुधार का नोटिस दिया जाएगा, लेकिन बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर रजिस्ट्रेशन को सस्पेंड, रद्द या संपत्ति को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. 

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