अक्सर हम लोग चर्चा करते हैं कि महंगाई बढ़ गई है, लेकिन महंगाई का असर हर शहर के हिसाब से अलग-अलग होता है, एक ही बजट में आप किसी शहर में शान से रहते हैं, तो वहीं उस बजट में दूसरे शहर में आपके लिए घर चलाना मुश्किल हो जाता है. जहां एक ओर मुंबई और दिल्ली जैसे महानगर अपने महंगे किराए और ट्रांसपोर्ट की वजह से आपकी जेब पर भारी पड़ सकते हैं, वहीं कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में गुजारा करना सस्ता है.
इन खर्चों में आपका खाना-पीना, बिजली-पानी का बिल, आने-जाने का खर्चा और थोड़ा-बहुत घूमना-फिरना तो शामिल है. अगर आप बड़े शहर में रहते हैं, तो ये किराया ही आपके बजट का खेल बिगाड़ देता है.
कौन सा शहर कितना महंगा?
यहां न्यूयॉर्क शहर को 100 मानकर एक लिस्ट दी गई है. यानी जिस शहर का स्कोर जितना कम होगा, वहां रहना उतना ही सस्ता पड़ेगा. नुम्बियो (Numbeo) के मार्च 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में जीवन यापन का अनुमानित खर्च कुछ इस तरह है.
सबसे ऊपर आता है मुंबई, जिसका स्कोर 25.8 है, मुंबई न सिर्फ रहने के मामले में महंगा है, बल्कि यहां का किराया स्कोर (17.5) बाकी सभी भारतीय शहरों से कहीं ज्यादा है. इसके बाद दिल्ली (22.5) और पुणे (22.4) का नंबर आता है, जहां रोजमर्रा के खर्चे लगभग एक जैसे हैं, लेकिन दिल्ली में किराए का बोझ पुणे के मुकाबले थोड़ा ज्यादा बैठता है.
| शहर |
लागत सूचकांक |
किराया सूचकांक |
कुल (जीवनयापन + किराया) |
महीने का खर्च |
| मुंबई | 25.8 | 17.5 | 21.9 | ₹30,000–60,000 |
| दिल्ली |
22.5 | 7.1 | 15.4 | ₹22,000–50,000 |
| पुणे | 22.4 | 6.6 | 15.1 | ₹25,000–45,000 |
| बैंगलोर | 21.5 | 8.5 | 15.4 | ₹20,000–50,000 |
| हैदराबाद | 21.1 | 5.6 | 13.9 | ₹12,000–50,000 |
| चेन्नई | 20.0 | 4.4 | 12.7 | ₹15,000–50,000 |
कोलकाता |
19.3 | 3.8 | 12.1 | ₹20,000–40,000 |
आईटी हब बेंगलुरु का स्कोर 21.5 है, लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि यहां मकान का किराया (8.5) दिल्ली से भी ज्यादा महंगा पड़ता है. वहीं हैदराबाद (21.1) इन सब के मुकाबले थोड़ा किफायती है. अगर आप महानगर की सुविधाएं भी चाहते हैं और जेब पर ज्यादा बोझ भी नहीं डालना चाहते, तो चेन्नई (20.0) और कोलकाता (19.3) आज भी सबसे बेहतरीन और सस्ते विकल्प हैं. खासकर कोलकाता में तो किराया स्कोर मात्र 3.8 है, जो मुंबई के मुकाबले लगभग पांच गुना कम है.
ये आंकड़े एक आधार देते हैं, लेकिन आपकी जीवनशैली और शहर के हिसाब से असल खर्च काफी अलग हो सकता है. वैसे, एक दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली मेट्रो दुनिया के टॉप 10 नेटवर्क में सबसे सस्ती मानी जाती है.
कौन सा शहर देता है ज्यादा 'वैल्यू'?
मुंबई इस लिस्ट में सबसे ऊपर है और इसकी सबसे बड़ी वजह है वहां का आसमान छूता किराया. दूसरी तरफ, अगर आप बड़े महानगरों की बात करें, तो कोलकाता आज भी रहने के लिए सबसे किफायती शहरों में से एक बना हुआ है. भारत में रहने के खर्च को बेहतर ढंग से समझने के लिए अगर रोज़मर्रा के औसत खर्चों पर नज़र डालें, तो शहर के बीचों-बीच एक 1BHK का किराया लगभग ₹14,000 बैठता है, जबकि शहर से थोड़ा बाहर यह ₹9,000 के आसपास मिल जाता है.
खाने-पीने की चीजों की बात करें तो 1 लीटर दूध ₹61, ब्रेड ₹39 और चावल ₹56 प्रति किलो के करीब पड़ता है. बाहर खाने का शौक है तो एक सामान्य मील ₹200 में मिल जाता है, वहीं किसी ठीक-ठाक रेस्टोरेंट में दो लोगों के खाने का बिल ₹1,050 तक आता है. आने-जाने के लिए महीने का पास करीब ₹800 का बनता है और पेट्रोल ₹102 प्रति लीटर के आसपास है, जबकि एक औसत घर के बिजली-पानी का बिल लगभग ₹3,565 तक आता है.
दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के टॉप 10 मेट्रो नेटवर्क्स में दिल्ली मेट्रो को सबसे सस्ता माना गया है, लेकिन जब बात 'वैल्यू फॉर मनी' की आती है, तो भले ही मुंबई और दिल्ली में सुविधाएं ज्यादा हों, पर हैदराबाद और पुणे जैसे शहर बाजी मार ले जाते हैं. यहां की 'परचेजिंग पावर' यानी खरीदने की क्षमता (हैदराबाद 154 और पुणे 152) काफी ज्यादा है, जिसका सीधा मतलब यह है कि यहां की सैलरी के हिसाब से आप अपनी ज़रूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से और खुलकर पूरा कर सकते हैं.
दिल्ली के मामले में यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यहां उपयोगिता बिल (Utilities) थोड़े ज़्यादा यानी ₹4,000 के करीब रहते हैं और शहरी कीमतों की वजह से किराना भी थोड़ा महंगा पड़ता है. अगर आप 2026 में कहीं शिफ्ट होने या अपना बजट प्लान करने की सोच रहे हैं, तो ये आंकड़े आपके लिए एक बेहतरीन शुरुआती पॉइंट साबित हो सकते हैं.