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सेमीकंडक्टर प्लांट: महाराष्ट्र की जगह गुजरात क्यों बना पसंद? खुद वेदांता चेयरमैन ने बताई वजह

पहले चर्चा हो रही थी कि वेदांता और फॉक्सकॉन का यह प्लांट महाराष्ट्र में लगेगा, लेकिन जब ऐलान हुआ तो नाम गुजरात का सामने आया. यही ताजा विवाद की वजह भी है. प्लांट के लिए गुजरात को चुने जाने से कई लोग खासकर राजनीतिक बिरादरी के लोग हैरानी जताने लग गए. हालांकि अब वेदांता चेयरमैन ने खुद सामने आकर बताया है कि आखिर क्यों प्लांट के लिए गुजरात को चुना गया है.

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जारी विवाद पर बोले वेदांता चेयरमैन
जारी विवाद पर बोले वेदांता चेयरमैन

वेदांता (Vedanta) और फॉक्सकॉन (Foxconn) जल्दी ही गुजरात में 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर एक सेमीकंडक्टर प्लांट (Semiconductor Plant) लगाने जा रही है. इसे देश को सेमीकंडक्टर के मामले में आत्मनिर्भर (Aatmanirbhar Bharat) बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि इसका ऐलान होते ही नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. दरअसल पहले चर्चा हो रही थी कि वेदांता और फॉक्सकॉन का यह प्लांट महाराष्ट्र में लगेगा, लेकिन जब ऐलान हुआ तो नाम गुजरात का सामने आया. यही ताजा विवाद की वजह भी है. हालांकि अब वेदांता चेयरमैन (Vedanta Chairman Anil Agarwal) ने खुद सामने आकर बताया है कि आखिर क्यों प्लांट के लिए गुजरात को चुना गया है.

पेशेवर तरीके से हो रहा था आकलन

प्लांट के लिए गुजरात को चुने जाने से कई लोग खासकर राजनीतिक बिरादरी के लोग हैरानी जताने लग गए. वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने विवाद के बीच बुधवार देर शाम को स्थिति को साफ करने का प्रयास किया. दरअसल वेदांता के अधिकारियों ने संभावित प्लांट को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें की थीं. इसे लेकर वेदांता चेयरमैन ने कहा कि उनकी कंपनी और फॉक्सकॉन कई बिलियन डॉलर के निवेश से बनने जा रहे प्लांट के लिए पेशेवर तरीके से स्थान का आकलन कर रही थी.

उम्मीदों पर खरा उतरा गुजरात

अग्रवाल ने कहा कि प्लांट के लिए स्थान का चयन एक वैज्ञानिक और वित्तीय प्रक्रिया है, जिसमें कई साल लग जाते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने इस बारे में 02 साल पहले काम शुरू कर दिया था. इंटरनल और एक्सटर्नल एक्सपर्ट की एक टीम ने गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों को शॉर्टलिस्ट किया था. उन्होंने कहा, 'पिछले दो साल के दौरान हम इन राज्यों की सरकारों और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे थे. हमें सभी सरकारों से शानदार सपोर्ट भी मिला. हमने कुछ महीने पहले तय किया कि हम गुजरात में प्लांट लगाने जा रहे हैं, क्योंकि यह हमारी सभी उम्मीदों पर खरा साबित हुआ.'

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महाराष्ट्र ने लगाया था पूरा जोर

वेदांता चेयरमैन ने साथ ही जोड़ा कि महाराष्ट्र ने प्रतिस्पर्धी पेशकश देकर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वेदांता ने गुजरात को चुना. उन्होंने कहा, 'जब हम जुलाई में महाराष्ट्र की लीडरशिप से मिले, तो उन्होंने प्रतिस्पर्धी ऑफर देकर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ने का प्रयास किया. हालांकि हमें तो किसी एक ही जगह से शुरू करना था, सो हमने पेशेवर और स्वतंत्र परामर्श के आधार पर गुजरात को चुना.

भारत की तस्वीर बदलने वाला निवेश

अनिल अग्रवाल ने कहा कि यह कई बिलियन डॉलर का लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्वीर बदल देगा. महाराष्ट्र को लेकर उन्होंने कहा, 'हम एक अखिल भारतीय इकोसिस्टम तैयार करेंगे और हम महाराष्ट्र में भी निवेश करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. आने वाले समय में हमारे गुजरात के ज्वाइंट वेंचर के इंटीग्रेशन के लिए महाराष्ट्र अहम रहेगा.'

 

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