सोमवार को तेल की कीमतों में भारी उछाल आई थी, जिसके बाद ट्रंप ने कहा था कि युद्ध जल्द ही समाप्त होने वाला है. वहीं अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से एक तेल टैंकर को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकालने की बात कही थी, हालांकि बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया.
अब इकोनॉमिस्ट का आरोप है कि यह सिर्फ तेल की कीमतों में हेरफेर करने के लिए किया गया. अनस अलहाजी ने कहा कि आज तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, इसका कारण होर्मुज मार्ग की स्थिति में कोई मूलभूत परिवर्तन या घटनाक्रम नहीं था, बल्कि ट्रंप प्रशासन द्वारा की गई हेराफेरी थी.
उन्होंने अपने सबस्टैक पोस्ट में यह लिखा कि इसमें वित्त विभाग की भारी भूमिका थी और ऊर्जा विभाग ने कीमतें गिरने पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा और उसे कुशिंग भेजा. ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग अमेरिका में तेल उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है, जो देश भर की प्रमुख पाइपलाइनों को जोड़ता है और तेल वायदा कॉर्न्टैक्ट के वितरण बिंदु के रूप में कार्य करता है.
उन्होंने आगे लिखा कि कल राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्ध समाप्त होने का संकेत देने पर कीमतें गिर गईं, फिर जब जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला तो कीमतें फिर से बढ़ गईं.
कैसे तेल की कीमतों में किया गया हेरफेर?
राइट ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की खेप भेजने में मदद की. राइट ने लिाखा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप वैश्विक ऊर्जा की स्थिरता बनाए रख रहे हैं. उन्होंने आगे लिखा कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से एक तेल टैंकर को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाला ताकि वैश्विक बाजारों में तेल की आपूर्ति जारी रहे.
इसके बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड ऑयल 11.16 डॉलर या 11 प्रतिशत गिरकर 87.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 11.32 डॉलर या 11.9 प्रतिशत गिरकर 83.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. दोनों ने मार्च 2022 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, जबकि एक दिन पहले ही ये कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं.
एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
लिपो ऑयल एसोसिएट्स के संस्थापक एंड्रयू लिपो ने कहा कि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना पर बाजार की प्रतिक्रिया थी. उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि प्रशासन के नजरिए से भी, इस कदम का स्पष्ट प्रभाव दिखता है. तेल और गैसोलीन की कम कीमतें उपभोक्ताओं की परेशानी को कम करने में मदद करती हैं.
जब कीमतें गिरीं तो हटाया पोस्ट
जब तेल की कीमतें गिर गईं तो फिर राइट ने पोस्ट हटा दिया. साथ ही, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका ने जलडमरूमध्य से किसी भी तेल टैंकर या जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है. विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों द्वारा गलत कैप्शन पाए जाने के बाद राइट के अकाउंट से वीडियो हटा दिया गया था.
अमेरिकी नौसेना ने सिक्योरिटी देने से किया इनकार
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सैन्य सुरक्षा के लिए जहाजरानी उद्योग से लगभग हर दिन आने वाले अनुरोधों को हमलों के उच्च जोखिम के कारण अस्वीकार कर दिया है. उद्योग के तीन सूत्रों का हवाला दिया गया है जिन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना जहाजरानी और तेल उद्योग के समकक्षों के साथ नियमित रूप से बैठकें करती है, जिनमें उन्होंने कहा कि वे इस समय सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ हैं.