शेयर बाजार बुधवार फिर तेजी पर बंद हुआ. भारी गिरावट के बाद लगातार इसमें तेजी जारी है. 23000 का बॉटम टच करने के बाद इसमें तेजी आई है. ऐसे में निफ्टी तीन दिनों के दौरान 600 अंक से ज्यादा चल चुका है, लेकिन युद्ध के दौरान भी शेयर बाजार में तेजी क्यों है? आइए जानते हैं.
बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 पर पहुंच गया, जिससे तीन दिनों में सेंसेक्स की बढ़त 2,140.21 अंक या 2.8 प्रतिशत हो गई. वहीं निफ्टी 196.65 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 पर पहुंच गया, जबकि तीन सत्रों में इसकी कुल तेजी 626.7 अंक या 2.7 प्रतिशत रही.
सिर्फ बुधवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला. इस हिसाब से 3 दिनों में निवेशकों की 9 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई. 13 मार्च को बीएसई मार्केट कैप 429.39 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 438.87 लाख करोड़ रुपये हो गया है.
शेयर बाजार में क्यों आई तेजी?
इस तेजी पर एक्सपर्ट्स क्या कह रहे?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च एडवाइजर विनोद नायर ने कहा कि लॉन्गटर्म वैल्यू बरकरार है, लेकिन चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की उच्च कीमतों और रुपये के लगातार गिरावट के कारण निकट भविष्य में तेजी की संभावना सीमित है.
नायर ने कहा कि निवेशक अब फेड, ईसीबी, बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड समेत ग्लोबल केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों का इंतजार कर रहे हैं, जहां भविष्य में ब्याज दर के नजरिए पर अमेरिका-ईरान संघर्ष के प्रभाव का आकलन करने में महत्वपूर्ण होगा.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)