डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट से हार मिली, तो उन्होंने दुनियाभर के देशों को नई धमकियां देते हुए ग्लोबल टेंशन बढ़ा दी है. इसके शेयर बाजारों में भी हाहाकार मचा हुआ है और खुद अमेरिकी शेयर बाजार धराशायी नजर आया है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया. डाउ जोंस जहां 821 अंक तक फिसल गया, तो Nasdaq और S&P भी बड़ी गिरावट में रहा. इसका असर सोना-चांदी की कीमतों में पर देखने को मिला है और Gold-Silver Rates फिर से उछलने लगे हैं. आइए जानते हैं अमेरिका में टैरिफ घमासान के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए क्या संकेत मिल रहे हैं.
Trump की धमकियां, बिखरा अमेरिकी बाजार
सबसे पहले बात करते हैं अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हड़कंप के बारे में, तो बीते कुछ दिनों में टैरिफ को लेकर मचे घमासान का असर घरेलू बाजारों पर देखने को मिलने लगा है. सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. Dow Jones 1.66 फीसदी या 821.91 अंक की गिरावट लेकर 48,804.06 के लेवल पर क्लोज हुआ, तो वहीं Nasdaq भी 1.13 फीसदी या 258.79 अंकों की भारी गिरावट के साथ 22,627.27 के स्तर पर बंद हुआ. इसके अलावा S&P 500 इंडेक्स भी 1.04 फीसदी तक फिसला और 6837.75 पर क्लोजिंग की.
SC में टैरिफ पर हार के बाद ट्रंप सख्त
बता दें कि बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अप्रैल 2025 में घोषित किए गए ज्यादातर रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी बताते हुए रद्दा किया गया है, जो डोनाल्ड ट्रंप के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि, अदालत के फैसले के बाद से ही Donald Trump के तेवर सख्त नजर आए हैं. पहले उन्होंने 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया और महज 24 घंटे के भीतर इसे बढ़ाकर 15% कर दिया, जो धारा 122 के तहत अधिकतम है. Tariff को लेकर ट्रंप के तेवर कड़े बने हुए हैं, उन्होंने ये कहकर एक बार फिर से Global Tension बढ़ाने का काम किया है कि US Supreme Court के फैसले का कोई भी देश फायदा उठाने की कोशिश करेगा, तो उस पर पहले से भी ज्यादा टैरिफ लगेगा.
एशियाई बाजारों पर क्या असर?
Donald Trump की नई टैरिफ धमकियों के एशियाई बाजारों पर असर की बात करें, तो ये मिला-जुला नजर आ रहा है. मंगलवार को जहां हांगकांग का HangSeng Index बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, तो बीते कुछ दिनों में बुरी तरह फिसलता नजर आया जापान का Nikkei तेज रफ्तार से भाग रहा है. हैंगसेंग 540 अंक या 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर 26,541 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं जर्मनी का DAX 1.06 फीसदी या 268 अंक टूटकर 24,991 पर कारोबार करता नजर आया. इसके अलावा CAC Index भी रेड जोन में था. वहीं निक्केई 430 अंक की बढ़त में, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी 96 अंक की उछाल के साथ ट्रेड कर रहा था.
भारत के लिए क्या मिल रहे सिग्नल?
बात भारतीय शेयर बाजार की करें, तो ट्रंप के 15 फीसदी ग्लोबल टैरिफ (15% Global Tariff) के ऐलान के बाद बीते कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी पर इसका असर देखने को नहीं मिला था और दोनों इंडेक्स तेज रफ्तार से भागे थे. वहीं मंगलवार को भी एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे है, जबकि Gift Nifty भी मार्केट के लिए पॉजिटिव सिग्नल देता नजर आ रहा है और ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)