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10000 रुपये का हुआ एक शेयर, Polycab ने रचा इतिहास... अगला टारगेट?

बुधवार को पॉलीकैब इंडिया के शेयर 10000 रुपये के पार पहुंच गए. यह तेजी तब आई है, जब जेफरीज ने इस शेयर को लेकर नया टारगेट दे दिया है. हालांकि इसमें तेजी आने की कई अन्‍य वजहें भी शामिल हैं. आइए जानते हैं...

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पॉलीकैब के शेयर ने पार किया 10,000 रुपये का लेवल. (Photo: ITG)
पॉलीकैब के शेयर ने पार किया 10,000 रुपये का लेवल. (Photo: ITG)

मार्केट में दबाव के समय पर भी एक शेयर शानदार तेजी दिखा रहा है. बुधवार को बीएसई पर यह शेयर 4 फीसदी बढ़कर 10,000 रुपये पर पहुंच गया. यह तेजी तब आई, जब ग्‍लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹10,920 कर दिया और खरीदने की सलाह दी. 

यह टारगेट मौजूदा लेवल से 14 फीसदी की तेजी का अनुमान है. एनालिस्ट्स का कहना है कि 2026 में पहले ही 30% की बढ़त के बावजूद यह स्टॉक एक भरोसेमंद पसंद बना हुआ है. हम जिस शेयर की बात कर रहे हैं, उसका नाम पॉलीकैब इंडिया है. 

पिछले 15 क्वार्टर में, Polycab ने अपने C&W (केबल और वायर) बिजनेस में लगातार डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल की है और साथ ही EBIT मार्जिन को 12-15% की रेंज में बनाए रखा है. इस परफॉर्मेंस को देखते हुए, Jefferies ने इसके टारगेट वैल्यूएशन मल्टीपल को बढ़ाकर 41x अर्निंग्स कर दिया है, जो स्टॉक के पांच साल के एवरेज मल्टीपल (लगभग 37x) से करीब 10% ज़्यादा है. 

क्‍यों आ रही पॉलीकैब इंडिया में इतनी तेजी? 
Jefferies ने बताया कि Polycab भारत के केबल और वायर (C&W) इंडस्ट्री में अपनी लीडरशिप पोजीशन को मजबूत कर रही है. FY20 में इसका ऑर्गनाइज्ड मार्केट शेयर लगभग 18% था, जो FY26 में बढ़कर 30-31% हो गया है. केबल और वॉयर सेगमेंट का FY26 के रेवेन्यू में लगभग 87% हिस्सा रहा और इसने साल-दर-साल 33% की ग्रोथ दर्ज की. 

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यह ग्रोथ 18% वॉल्यूम ग्रोथ और कॉपर की ऊंची कीमतों के बीच 16% प्राइस-बेस्ड ग्रोथ की वजह से हुई. साल के दौरान केबल्स ने वायर्स से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि कंपनी के 'गो-टू-मार्केट' इनिशिएटिव्स की वजह से इंस्टीट्यूशनल बिजनेस में साल-दर-साल 50% का विस्तार हुआ है. Jefferies ने यह भी बताया कि टियर 2-5 मार्केट में 'Etira' ब्रांड लॉन्च करने से Polycab को अनऑर्गनाइज्ड प्लेयर्स से मार्केट शेयर हासिल करने में मदद मिली है. 

डेटा सेंटर बूम का भी असर 
Jefferies ने कहा कि डेटा सेंटर Polycab के लिए ग्रोथ का एक नया मौका हैं, क्योंकि ऐसे प्रोजेक्ट्स में केबल की खपत काफी ज्‍यादा होती है. ब्रोकरेज के अनुसार, डेटा सेंटर के कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) में केबल का हिस्सा अनुमानित 8-10% होता है, जबकि इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में यह लगभग 3% और पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स में लगभग 15% होता है. जेफ़रीज़ ने इस सेक्टर में पॉलीकैब की मौजूदगी पर जोर दिया और बताया कि कंपनी वर्टिव (Vertiv) के ज़रिए वोडाफोन आइडिया के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में शामिल है, जिससे उसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश का लाभ मिल सकता है. 

शानदार ऑर्डर बूक 
जेफ़रीज़ ने बताया कि मार्च 2026 तक पॉलीकैब की ओपन ऑर्डर बुक 11,300 करोड़ रुपये की थी, जबकि FY25 में यह 13,500 करोड़ रुपये थी. इसमें ज़्यादातर RDSS और भारतनेट के तहत प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी दिसंबर 2025 तिमाही से भारतनेट के ऑर्डर पूरे कर रही है. 

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इस प्रोजेक्ट से GST को छोड़कर लगभग 8,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है. इस प्रोग्राम में तीन साल में लगभग 4,500 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर और 10 साल में लगभग 3,500 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग खर्च होने की उम्मीद है, जबकि EPC मार्जिन के हाई सिंगल डिजिट में रहने का अनुमान है. जेफ़रीज़ ने यह भी बताया कि पॉलीकैब का नया एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) केबल प्लांट CY26 के आखिर तक शुरू होने की संभावना है और FY28 से इससे रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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