वैश्विक हालात में सुधार के संकेतों ने शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार मार्ग खुलने, तेल की कीमतों में नरमी, रुपये की मजबूती और विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से बाजार में तेजी आई. निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और खरीदारी का माहौल मजबूत हुआ है.