इजरायल और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन में ईरान के सबसे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसकी जगह पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mostafa Khamenei) को सुप्रीम लीडर बनाया गया है. ईरान में सुप्रीम लीडर देश का सबसे शक्तिशाली पद होता है, जिसके कंट्रोल में पूरा प्रशासन होता है. राष्ट्रपति और सरकार भी इनके अधीन माने जाते हैं.
मोजतबा खामेनेई को ऐसे समय में सुप्रीम लीडर बनाया गया है, जब ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को इस पद के लिए अस्वीकार कर दिया है और धमकी दी है कि जबतक रिजीम चेंज नहीं होता, तबतक युद्ध नहीं रुकेगा. ऐसे में यह वॉर कबतक चलेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.
इस बीच, ईरान इजराय से लेकर मिडिल ईस्ट के देशों पर मिसाइले दाग रहा है और ये हमले ईरान के सुप्रीम लीडर्स के आदेश पर किए जा रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं सुप्रीम लीडर के पास क्या-क्या शक्तियां होती हैं और उसे कितनी सैलरी मिलती है?
सेना और सुरक्षा पर पूरा कंट्रोल
ईरान लीडर के पास सेना का पूरा कंट्रोल होता है. उनका इस्लामिक रिवॉल्यूशन गॉर्ड कॉर्प पर सीधा कंट्रोल होता है. सेना के शीर्ष अधिकारियों की भी नियुक्ति यही करता है. युद्ध या शांति का फैसला भी इसी के तहत लिया जाता है यानी एक तरह से देश के संबंध में कोई भी फैसला इसी के तहत लिया जाता है.
न्यायपालिका और राजनीतिक संस्थाओं पर प्रभाव
ईरान के सुप्रीम लीडर के कंट्रोल में न्यायपालिका प्रमुख की नियुक्ति होता है. साथ ही गार्डियन काउंसिल के कई सदस्यों की नियुक्ति इसी के तहत की जाती है. साथ ही इनका चुनाव में उम्मीदवारों की मंजूरी पर प्रभाव भी होता है.
सुरक्षा और सुविधाएं
सुप्रीम लीडर बनने के बाद खामेनेई को विशेष सुरक्षा बल, आधिकारिक आवास और कार्यालय, सरकारी विमान, हेलीकॉप्टर और लग्जरी कार, बड़ी संख्या में स्टाफ और सलाहकार भी दिया गया है. इसके अलावा, इनका कंट्रोल ईरान में कई बड़े धार्मिक और आर्थिक ट्रस्ट पर भी होता है. इन संस्थाओं के पास अरबों डॉलर की संपत्ति मानी जाती है.
कितनी मिलती है सैलरी?
सुप्रीम लीडर की सैलरी की बात करें तो ईरान में सुप्रीम लीडर की आधिकारिक सैलरी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इनकी सैलरी लाखों रुपये होती है. अनुमान के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर की सैलरी करीब 2000–3000 डॉलर (करीब 1.5 से 2.5 लाख रुपये) प्रति माह है. हालांकि सरकारी सुविधाएं इस सैलरी की तुलना में कहीं ज्यादा होते हैं, क्योंकि उनके पास सरकारी और धार्मिक संस्थाओं के विशाल संसाधनों तक पहुंच होती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इन संसाधनों और इनका कुल असेट मिलाकर नेटवर्थ 90 अरब डॉलर से ज्यादा का है.