इजरायल-अमेरिका ने मिलकर शनिवार को ईरान पर कई हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने एक के बाद एक करके दुबई, आबू-धाबी, कुबैत और कतर जैसे मिडिल ईस्ट शहरों में तबाही मचा दी. अब पूरे मिडिल ईस्ट में जंग फैल चुका है, ना ईरान मानने को तैयार है और ना ही अमेरिका-इजरायल. अबतक इस जंग में कुल 10 देश शामिल हो चुके हैं और कई देशों के तीखे बयान भी आ रहे हैं.
इस बीच, शेयर बाजारों में डर का माहौल बना हुआ है. भारतीय शेयर बाजार सोमवार को खुलते हुए क्रैश हो गया. सेंसेक्स 2700 अंक गिरकर खुला तो वहीं निफ्टी 500 अंक गिरकर खुला. हालांकि थोड़ी देर के बाद ही इसमें रिकवरी आ गई और मार्केट बंद होने तक सेंसेक्स 1048 अंक या 1.28 फीसदी गिरकर 80238 पर आ गया. निफ्टी 312 अंक या 1.24 फीसदी गिरकर 24865 पर था. इससे निवेशकों को 6.60 लाख करोड़ रुपये नुकसान हुआ.
ये चीजें ज्यादा खरीद रहे लोग
युद्ध छिड़ने के कारण जहां शेयर बाजार में गिरावट आई तो वहीं सोने और चांदी के भाव में ज्यादा उछाल रहा. MCX पर सोना 7000 रुपये चढ़कर 1.69 लाख रुपये पर पहुंच गया. वहीं चांदी की कीमतों में तगड़ी उछाल देखने को मिली. चांदी 14000 रुपये चढ़कर 2.97 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. कॉपर के दाम में भी भारी उछाल रही. यह तेजी लोगों के सेफ असेट जैसे- सोना और चांदी में निवेश के कारण आई है. गोल्ड और सिल्वर के विकल्प के तौर पर निवेशक इनके ईटीएफ में पैसा लगा रहे हैं.
कच्चे तेल का क्या हाल?
शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल के दाम में बड़ी उछाल आई थी. सोमवार को कच्चा तेल 13 फीसदी चढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था. वहीं अब एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में जंग लंबा चलता है तो ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच सकता है.
अब सोने-चांदी और शेयर बाजार में आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी करीब 7 से 10 दिनों तक युद्ध की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद नहीं लग रही है. ऐसे में अगर युद्ध लंबा चलता है तो शेयर बाजार की स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ सकती है. वहीं निवेशक सेफ असेट जैसे सोना और चांदी में निवेश कर सकते हैं, जिससे सोने चांदी के भाव में तेजी आ सकती है. इसे अलावा, कच्चे तेल के दाम में भी तेजी का अनुमान है.