scorecardresearch
 

PM मोदी से मिले बांग्लादेशी मूल के ये उद्योगपति, फिर कर दिया बड़ा ऐलान... भारत में करेंगे 3 लाख करोड़ रुपये निवेश

एयरट्रंक का यह निवेश भारत के इतिहास में किसी भी विदेशी टेक कंपनी के सबसे बड़े निवेशों में से एक है. कंपनी भारत के प्रमुख शहरों (जैसे मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और दिल्ली-NCR) में हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगी.

Advertisement
X
रॉबिन खुदा ने पीएम मोदी से मिलकर भारत में निवेश का ऐलान किया. (Photo: ITG)
रॉबिन खुदा ने पीएम मोदी से मिलकर भारत में निवेश का ऐलान किया. (Photo: ITG)

भारतीय डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के सेक्टर में शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा हुई. ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज टेक कंपनी एयरट्रंक (AirTrunk) ने भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार में 3 लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया है. इस घोषणा के बाद हर तरफ कंपनी के फाउंडर और सीईओ रॉबिन खुदा (Robin Khuda) की चर्चा हो रही है.

दरअसल, एयरट्रंक के संस्थापक और सीईओ रॉबिन खुदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इस बड़े निवेश घोषणा की है. पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह के निवेश से क्लाउड कंप्यूटिंग और AI के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी, साथ ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

कौन हैं रॉबिन खुदा? 
बांग्लादेशी मूल के रॉबिन खुदा ने अपनी मेहनत के बल पर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. रॉबिन खुदा का जन्म बांग्लादेश में हुआ था, उनके पिता का नाम एस.एम. वाजेद अली था. उनकी शुरुआती पढ़ाई बांग्लादेश में हुई, हायर एजुकेशन के लिए वो ऑस्ट्रेलिया चले गए. उन्होंने सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (UTS) से बिजनेस की पढ़ाई की और बाद में फाइनेंस और टेक सेक्टर में अपनी विशेषज्ञता हासिल की.

रॉबिन खुदा ने साल 2007 में Fujitsu में महाप्रबंधक के रूप में कार्यभार संभाला और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में दूरसंचार और क्लाउड कंप्यूटिंग की देखरेख की. इसके बाद वे PIPE नेटवर्क्स में मुख्य वित्तीय अधिकारी बने. फिर उन्होंने डेटा सेंटर कंपनी NEXTDC में कार्यकारी निदेशक के रूप में काम किया और इसके संस्थापक सदस्यों में से एक थे.

Advertisement

साल 2015 में रॉबिन खुदा ने 'AirTrunk' की स्थापना की थी. उस समय उनका उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स का निर्माण करना था, जो टेक दिग्गजों (जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन) की विशाल डेटा जरूरतों को पूरा कर सकें. महज एक दशक के अंदर एयरट्रंक एशिया की सबसे बड़ी डेटा सेंटर कंपनियों में से एक बन चुकी है, जिसके पास ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान और हांगकांग जैसे देशों में विशाल नेटवर्क है.

भारत में 3 लाख करोड़ के निवेश के मायने?
एयरट्रंक का यह निवेश भारत के इतिहास में किसी भी विदेशी टेक कंपनी के सबसे बड़े निवेशों में से एक है. कंपनी भारत के प्रमुख शहरों (जैसे मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और दिल्ली-NCR) में हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगी. इससे देश में 5 गीगावॉट डेटा सेंटर क्षमता का विकास होगा.

इस डील से क्या फायदा होगा?
भारत में 5G के विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग और क्लाउड सेवाओं के उपयोग के कारण डेटा स्टोरेज की जरूरतें आसमान छू रही हैं. एयरट्रंक के ये सेंटर्स भारत के इस डिजिटल लोड को संभालेंगे. 3 लाख करोड़ रुपये के इस निवेश से देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों हाई-टेक नौकरियों का सृजन होगा. निर्माण से लेकर डेटा सेंटर के संचालन, साइबर सिक्योरिटी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार मिलेगा.

Advertisement

रॉबिन खुदा की कंपनी अपने डेटा सेंटर्स को 'ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी' से संचालित करने के लिए जानी जाती है. भारत में भी कंपनी पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement