इतिहास में पहली बार रविवार को देश का आगामी बजट पेश होने जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) बजट में आम आदमी, किसान, महिलाओं, युवाओं और टैक्सपेयर्स के लिए कई खास ऐलान कर सकती हैं. देश की नागरिकों को इस बार के बजट से कई चीजों को लेकर उम्मीद है. आइए जानते हैं वह 5 बड़ी मांग, जो देश का नागरिक चाहता है.
शिक्षा और रोजगार से जुड़ी मांगें
शिक्षा जगत की मांग है कि नामांकन बढ़ाने के बजाय क्वॉलिटी बेस्ड एजुकेशन पर फोकस किया जाए. AI, डिजिटल और स्किल-बेस्ड लर्निंग सरकारी से लेकर प्राइवेट तक हर स्कूल कॉलेजों में शामिल किया जाए, ताकि बच्चों का बेहतर भविष्य तैयार हो. वहीं ऑनलाइन शिक्षा को प्रमोट किया जाए. इसके लिए स्क्लि बेस्ड टीचर्स की भर्ती की जाए. सरकारी और प्राइवेट संथानों में छात्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार के नए अवसर बनाए जाएं. स्कॉलरशिप, सस्ती स्टूडेंट लोन, स्टूडेंट-केयर फाइनैंसिंग को बढाया जाए.
किसानों को क्या है उम्मीदें?
इस बार के बजट से किसान अपनी आय में बढ़ोतरी के लिए कई मांग कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का बजट बढ़ाया जाए और इसे 6000 रुपये सालाना के बजाया 12000 रुपये सालाना कर दिया जाए, ताकि किसानों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक सपोर्ट मिल सके. दलहन, तिलहन, रवि और खरीफ फसलों की एमएसपी भी बढ़ाई जाए. फसल बीमा योजना का प्रीमियम कम किया जाए. फसलों को स्टोर करने के लिए स्टोरेज की व्यवस्था हो. साथ ही उर्वरक की कीमतों में कटौती हो.
महंगाई से मिले राहत
आम आदमी को उम्मीद है कि इस बार का बजट महंगाई को और भी कम करने पर फोकस होगा, ताकि उनकी बेसिक जरूरतें- रोटी, कपड़ा और मकान पूरी की जा सके. आम आदमी और FMCG सेक्टर्स जीएसटी में एक और रिफॉर्म की मांग कर रहे हैं, ताकि टैक्स का बोझ थोड़ा और कम हो, जिसका डायरेक्ट लाभ आम आदमी को मिले.
महिलाओं को बजट से क्या उम्मीदें?
महिला उद्यमी चाहते हैं कि बजट में उन्हें आसानी से केडिट लोन उपलब्ध कराया जाए, ताकि व्यापार शुरू करना और उसे बढ़ाना आसान हो सके. खासकर MSME सेक्टर में टैक्स राहत, कम ब्याज दर और वित्तीय सहायता की मांग है. नए प्रोग्राम और सब्सिडी के जरिए महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाए जाएं. महिलाओं के लिए सुरक्षा, हेल्थ और सामाजिक कल्याण के लिए ज्यादा बजट आवंटन की उम्मीद है, ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाए जा सके.
टैक्सपेयर्स को इस बजट से क्या उमीदें?
नए टैक्स सिस्टम के तहत 12 लाख रुपये तक के सालाना इनकम पर शून्य टैक्स है, लेकिन अभी भी इस दायरे से बहुत से टैक्सपेयर्स बाहर हैं. ऐसे में इसकी लिमिट 14 लाख रुपये तक करने की मांग की जा रही है. इसके अलावा, नए टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किए जाने की मांग है. साथ ओल्ड टैक्स रिजीम में अभी भी रहने वाले टैक्सपेयर्स इसकी छूट की लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.