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Indian Tea: गेहूं खरीदने से किया था मना, अब भारत से चाय खरीदेगा ये देश!

Indian Tea: उत्तर भारत के चाय मार्केट में दूसरी बार तुड़ाई वाली पत्तियों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. इस वजह से विदेशी खरीदारों ने दक्षिण भारत के चाय बाजार का रुख किया है. आने वाले दिनों में भी चाय की मांग में तेजी देखी जा सकती है.

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तेजी से बढ़ी चाय की मांग
तेजी से बढ़ी चाय की मांग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तेजी से बढ़ रही है चाय की मांग
  • दक्षिण भारत पहुंचे विदेशी खरीदार

उत्तर भारत में चाय (North Indian Tea) की बढ़ती कीमतें और श्रीलंका (Sri Lanka) में जारी आर्थिक सकंट से विदेशी खरीदारों का रुख कोच्चि की तरफ मुड़ा है. अब चाय खरीद करने वाले विदेशी खरीदार (Indian Tea Buyers) कोच्चि से बड़ी मात्रा में चाय खरीद रहे हैं. इनमें खास तौर पर ईरान (Iran) और तुर्की (Turkey) शामिल हैं.

व्यापारियों ने बताया कि कोलकाता की नीलामी में दूसरी बार की तुड़ाई वाली पत्तियों (Second Flush Tea Leaf) की कीमतें 350-450 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई हैं. इसकी वजह से विदेशी खरीदार न केवल ईरान से बल्कि तुर्की और रूस जैसे देशों से भी दक्षिण भारत के बाजारों से चाय खरीद रहे हैं. हाल ही में तुर्की (Turkey) ने भारतीय गेहूं की खेप को यह कहकर लौटा दिया था कि इसमें रूबेला वायरस पाया गया है. अब उसने चाय की खरीद के लिए भारतीय बाजार का रुख किया है.

इतनी हुई बढ़ोतरी

'बिजनेस लाइन' की रिपोर्ट के अनुसार नीलगिरी की पत्तियों की अच्छी मांग देखने को मिल रही है. साथ ही कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. चाय की पत्तियों की कीमतें औसतन 4 रुपये प्रति किलो बढ़कर 159 रुपये प्रति किलो हो गई हैं. साथ ही ग्रेड में दी जाने वाली चाय की मात्रा में भी बढ़ोतरी हुई है. 

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विदेशी खरीदार

इस बीच सीटीसी डस्ट की कीमतें 3 से 5 रुपये तक बढ़ी हैं और ये 127 रुपये किलो तक पहुंच गई है. पिछले सप्ताह की तुलना में इस बार 6 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है. दक्षिण भारत के एक प्रमुख चाय निर्यातक ने बताया कि ईरान और अन्य पश्चिम एशियाई देश दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय बाजार से चाय की खरीद करते हैं. बेहतरीन गुणवत्ता वाली सीटीसी चाय की बढ़ती कीमतों ने उन्हें दक्षिण भारतीय चाय बाजार की तरफ मोड़ा है.

तेजी से बढ़ी है मांग

श्रीलंका के चाय बाजार में आई अनिश्चितता की वजह से चाय की मांग में बढ़ोतरी हुई है. लेकिन चाय की पत्तियां हर जगह उपलब्ध नहीं हैं. चाय की बढ़ती मांग कुछ समय तक जारी रह सकती है. बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दक्षिण भारत में तीन बड़ी चाय बनाने वाली कंपनियों ने काली चाय का उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. कुन्नूर ऑक्शन में सीटीसी डस्ट की मांग कमजोर हुई है. इस वजह से कीमतों में भारी गिरावट आई है और प्रस्तावित मात्रा का 75 प्रतिशत हिस्सा नहीं बिका है. 

 

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