डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक लिमिटेड (HAL) के शेयरों में बुधवार को तगड़ी गिरावट देखने को मिली. डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के शेयरों में बुधवार को इंट्राडे के दौरान 8.31% गिरावट आई और यह 4,100.15 रुपये पर आ गए. हालांकि मार्केट बंद होने के बाद यह शेयर 5.74% टूटकर 4,213.90 रुपये पर क्लोज हुए.
यह गिरावट तब आई है, जब 5th जेनेरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट से HAL के बाहर होने की खबर आई. चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एक्सपर्ट हितेश टेलर ने कहा कि एचएएल अपने लॉन्गटर्म तेजी के रुझान के तहत तेजी से चल रहा है. उन्होंने कहा कि सप्ताहिक चार्ट पर शेयर 4,000 रुपये और 4,500 रुपये के बीच एक ही स्तर पर उतार-चढ़ाव दिखा सकता है.
अभी HAL में 4,450-4,550 रुपये के दायरे में 50-सप्ताह के ईएमए पर तगड़ा प्रतिरोध मिल रहा है, जबकि 4100 रुपये के आसपास का 100 सप्ताह का ईएमए एक बेस बना रहा है, जिसे रुझान की संरचनात्मक अखंडता को बनाए रखने के लिए बरकरार रखना आवश्यक है. टेलर ने कहा कि HAL की गति धीमी बनी हुई है, RSI 39.87 पर है, जो शॉर्ट टर्म में गिरावट का संकेत दे रहा है.
कब आएगी इस शेयर में तेजी?
एक्सपर्ट ने कहा कि HAL अभी 'इंतजार करो और देखो' वाली स्थिति में है और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के पास स्थिर होन की कोशिश कर रहा है. टेलर ने कहा कि पॉजिटिव गति की ओर वापसी का संकेत देने के लिए RSI में 50 से 60 के क्षेत्र की ओर उलटफेर आवश्यक होगा. तेजी के नए रुझान के लिए, टेलर का मानना है कि व्यापारियों को 4,500 रुपये से ऊपर ब्रेकआउट का इंतजार है, जिसमें पर्याप्त वॉल्यूम का समर्थन हो.
अन्य एक्सपर्ट्स का क्या अनुमान
पीएल कैपिटल ने कहा कि बजट 2026 में रक्षा विमानों और एयरोइंजनों पर कैपिटल एक्सपेंसेस में बढ़ोतरी हुई है. इसने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए पूंजीगत व्यय को पहले के 48,600 करोड़ रुपये से संशोधित करके 72,800 करोड़ रुपये कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2027 के लिए रक्षा विमानों और एयरोइंजनों पर पूंजीगत व्यय 63,700 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो एचएएल के लिए सकारात्मक माना जा रहा है.
एचडीएफसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 के अंत में डिफेस क्षेत्र के लिए आवंटित राशि 23 लाख करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 2026 के अंत में 19 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है. इसने कहा कि नौसेना बेड़े, विमानों, एयरोइंजनों और अन्य उपकरणों में प्रमुख आवंटन होने से ऑर्डर पाइपलाइन को सहायता मिलेगी.
इस रेस में और कौन-कौन सी कंपनियां?
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, एचएएल Advanced Medium Combat Aircraft प्रोजेक्ट में शामिल नहीं है. अब इस प्रोजेक्ट की दौड़ में Tata Advanced Systems, Adani Defence, Bharat Electronics, Goodluck India और Bharat Forge इस रेस में शामिल हैं.
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज के अपने विचार हैं. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने योग्य सलाहकार की मदद जरूर लें.)