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संकट में यूरोप... जंग के बीच पुतिन का बड़ा ऐलान, रूस उठाएगा ये कदम!

यूरोप में गैस की सप्‍लाई को लेकर नया संकट खड़ा हो चुका है. कतर ने इसी हफ्ते एलएनजी की सप्‍लाई को रोक दिया है और अब रूस ने एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर रहा है.

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गैस सप्‍लाई को लेकर पुतिन का यूरोप को धमकी. (Photo: AP)
गैस सप्‍लाई को लेकर पुतिन का यूरोप को धमकी. (Photo: AP)

रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन ने बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने यूरोप के देशों की गैस सप्‍लाई बंद करने की बात कही है, जिससे यूरोप के देशों में एनर्जी का संकट आ सकता है. पुतिन का कहना है कि अब समय आ गया है कि यूरोप के देशों में गैस सप्‍लाई को रोक दिया जाए. पुतिन का यह बयान मिडिल ईस्‍ट में छिड़ी जंग के बीच आया है. 

पुतिन का कहना है कि कई देश का मार्केट रूस के लिए खुलने जा रहा है, जो रूस के एनर्जी के लिए अच्‍छे दाम दे रहे हैं. ऐसे में वक्‍त आ चुका है कि यूरोप के देशों के लिए एनर्जी सप्‍लाई को रोक दिया जाए और नए मार्केट में एंट्री की जाए. उन्‍होंने कहा कि मैं इसके बारे में खुलकर सोच रहा हूं. 

यह एक अंतिम फैसला नहीं है, लेकिन मैं सरकार को जरूर निर्देश दूंगा कि वे हमारी कंपनियों के साथ मिलकर इसपर काम करें. उन्‍होंने आगे कहा कि रूस हमेशा से एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता रहा है और जिस भी देश के साथ डील होगी, हम उसके साथ आगे भी व्‍यापार जारी रखेंगे. उन्‍होंने कहा कि यूरोप को गैस सप्‍लाई बंद करना रूस के लिए फायदेमंद होगा. 

युद्ध से रूस को फायदा? 
कई जानकारों का मानना है कि मिडिल ईस्‍ट में जंग छिड़ने से इनडायरेक्‍ट तौर पर रूस को लाभ मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. क्‍योंकि मिडिल ईस्‍ट से आने वाली एनर्जी सप्‍लाई होमुर्ज जलडमरूमध्‍य मार्ग के बंद होने के कारण रुकी हुई है. ऐसे में भारत-चीन समेत कई अन्‍य देश एनर्जी के लिए ऑप्‍शन की तलाश में हैं और रूस इसका प्रबल दावेदार दिख रहा है. इसी मौके को भूनाते हुए रूस इन देशों में एंट्री और अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है. 

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यूरोप के गैस को लेकर बड़ा संकट
यूरोप में गैस की कीमतों में भारी उछाल आई है, क्‍योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग बंद हो चुका है और दुनिया की 20% LNG और तेल इसी रास्ते से होकर जाती है.कतर ने भी LNG सप्‍लाई रोक दी है, जो यूरोप के गैस जरूरतों को 6 फीसदी तक पूरा करता है. सोमवार को यूरोपीय गैस की कीमतें 48.66 यूरो प्रति मेगावाट घंटा तक पहुंच गई थी, जो गैस कीमतों में 50 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल है. अब रूस ने भी गैस सप्‍लाई बंद करने की बात कही है. ऐसे में यूरोप के लिए एक बड़ा संकट पैदा हो रहा है. 

रूस पर कितना निर्भर है यूरोप? 
यूक्रेन युद्ध से पहले यूरोप रूसी गैस पर पूरी तरह से निर्भर थे. वे रूस से 40 फीसदी तक गैस खरीदते थे, लेकिन यूक्रेन के साथ युद्ध के बाद यह घटकर 10 से 15 फीसदी तक हो चुकी है. इसमें पाइपलाइन + LNG दोनों शामिल हैं. अब नॉर्वे (30%) और अमेरिका (58% LNG) यूरोप के सबसे बड़े सप्लायर हैं. फ्रांस, स्‍पेन और बेल्जियम जैसे देश अब भी भारी मात्रा में गैस आयात करते हैं.

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