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'छंटनी नहीं, पर बचत जरूरी', बढ़ते घाटे के बीच Air India कॉस्ट कटिंग मोड में, कर्मचारियों का इंक्रीमेंट भी टाला गया

Air India adopts cost-cutting steps: एअर इंडिया ने बढ़ते आर्थिक दबाव और एविएशन सेक्टर की मुश्किलों के बीच अपने कर्मचारियों से खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखने की अपील की है. एयरलाइन प्रबंधन ने साफ कहा है कि फिलहाल कंपनी को 'कठिन दौर' का सामना करना पड़ रहा है और ऐसे समय में गैर जरूरी खर्चों को रोकना बेहद जरूरी है.

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महंगे ईंधन से विमानन कंपनी एअर इंडिया की मुश्किलें बढ़ गई है (Photo: ITG)
महंगे ईंधन से विमानन कंपनी एअर इंडिया की मुश्किलें बढ़ गई है (Photo: ITG)

भारतीय विमानन कंपनी एअर इंडिया मुश्किल दौर से गुजर रही है. कंपनी के CEO ने शुक्रवार को अपने सभी कर्मचारियों को बताया कि हालात कठिन हैं और फिजूलखर्ची बंद करनी होगी. सालाना वेतन बढ़ोतरी को कम से कम तीन महीने के लिए टाला जा रहा है. हालांकि कंपनी ने कहा कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी.

कंपनी के CEO कैम्पबेल विल्सन ने कई बड़ी वजहें गिनाईं. पहली वजह है पश्चिम एशिया यानी ईरान-इजरायल जंग की वजह से जेट फ्यूल यानी हवाई जहाज के तेल के दाम बहुत बढ़ गए हैं. पहले जितने दाम में तेल मिलता था अब वो 2.5 से 3 गुना ज्यादा हो गया है. 

दूसरी वजह है कि पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई रास्ता बंद कर रखा है जिसकी वजह से यूरोप और पश्चिम की तरफ जाने वाली उड़ानें लंबी हो गई हैं और ज्यादा तेल लगता है.

तीसरी वजह है कि रुपया काफी कमजोर हुआ है जिससे विदेशी सामान और सेवाओं पर खर्च बढ़ गया है. चौथी वजह यह है कि इन सब चीजों की वजह से यात्रियों का हवाई यात्रा करने का उत्साह कम हुआ है.

कंपनी ने कर्मचारियों को क्या बताया?

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शुक्रवार को कंपनी के CEO कैम्पबेल विल्सन, CFO यानी वित्त प्रमुख संजय शर्मा और CHRO यानी कर्मचारी मामलों के प्रमुख रविंद्र कुमार ने कर्मचारियों से एक टाउनहॉल बैठक की. इसमें उन्होंने खुलकर बताया कि हालात कठिन हैं.

यह भी पढ़ें: 'अब कोई चारा नहीं बचा...' ऑपरेशन में कटौती करने जा रही एअर इंडिया, ATF की बढ़ती कीमतों का असर

CEO विल्सन ने कहा कि सभी कर्मचारियों को फिजूल खर्च बंद करना होगा. जहां संभव हो वहां दरें दोबारा तय करनी होंगी और जो काम जरूरी नहीं है उसका खर्च फिलहाल रोकना होगा. उन्होंने कहा कि बर्बादी और पैसे की लीकेज बंद करने पर पूरा ध्यान देना होगा.

वेतन और नौकरी के बारे में क्या कहा?

CHRO रविंद्र कुमार ने बताया कि कंपनी पिछले वित्त वर्ष का वेरिएबल पे यानी प्रदर्शन आधारित बोनस देगी और तय प्रमोशन भी होंगे. लेकिन सालाना वेतन बढ़ोतरी यानी इंक्रीमेंट कम से कम एक तिमाही यानी तीन महीने के लिए टाल दी गई है. 

उन्होंने यह भी कहा कि किसी की नौकरी जाने की कोई आशंका नहीं है. हालांकि गुरुवार को कंपनी के बोर्ड की बैठक में 'फर्लो' यानी कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजने पर भी चर्चा हुई थी.

बता दें कि कंपनी के CEO कैम्पबेल विल्सन ने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह इस पद पर तब तक बने रहेंगे जब तक इस पद पर नई नियुक्ति नहीं हो जाती.

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इनपुट: पीटीआई

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