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AI का नया खौफ, फिर बिखरे ये शेयर... इस साल 35% तक गिरे, अब आगे क्‍या

एआई के नए डर से सेमीकंडक्‍टर और टेक शेयरों में गिरावट देखने को मिली है, जिस कारण आज भारतीय बाजार के आईटी शेयरों में भी भारी बिकवाली आई.

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आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट. (Photo: File/ITG)
आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट. (Photo: File/ITG)

एआई की खौफ की वजह से दिग्‍गज शेयरों में फिर गिरावट देखने को मिली है. यह शेयर इस साल भारी गिरावट देख चुके हैं. साल 2026 के दौरान इन शेयरों में करी 35 फीसदी तक की गिरावट आई है और आगे क्‍या होगा? इसके लिए असमंजस की स्थिति बनी हुई है. 

हम बात कर रहे हैं IT सेक्‍टर के शेयरों के बारे में, जिसमें एआई की वजह से यह डर बना हुआ है कि उनकी अर्निंग प्रभ‍ावित हो सकती है. गुरुवार को भी इन  शेयरों में भारी गिरावट रही. निफ्टी आईटी भी 2 फीसदी से ज्‍यादा गिरकर कारोबार कर रहा था. 

आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण, यह सेक्‍टर अब सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला इंडेक्‍स बनकर उभरा. वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में कमजोरी और आईटी सेवा कंपनियों के विकास की संभावनाओं पर एआई के प्रभाव को लेकर नई चिंताओं के कारण यह गिरावट आई है. 

आईटी शेयरों में भारी गिरावट
सुबह करीब 9:18 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.4 प्रतिशत गिरकर 27,595 पर आ गया. इस क्षेत्र का प्रदर्शन बेंचमार्क निफ्टी 50 से काफी खराब रहा, जो 0.5 प्रतिशत गिरकर 23,099 पर आ गया. निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयरों में हैवीवेट आईटी शेयरों का दबदबा रहा. HCL Tech ने सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की, इसके शेयर 3.5 प्रतिशत गिरे. इंफोसिस में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टेक महिंद्रा, विप्रो और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में 1.4 प्रतिशत से 2 प्रतिशत के बीच गिरावट दर्ज की गई. 

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क्‍यों आई आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट? 
घरेलू आईटी शेयरों में आई कमजोरी अमेरिकी टेक शेयरों में रात भर की गिरावट के कारण है. बुधवार को नैस्डैक कंपोजिट में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि सेमीकंडक्टर और टेक शेयरों पर वैल्‍यूवेशन संबंधी चिंताओं और एआई व्यापार में धीमी गति के कारण दबाव बना रहा. एआई का वैल्‍यूवेशन हाई होने और बबल बनने की आशंका के कारण गिरावट देखी जा रही है. 

निवेशकों को क्‍या करना चाहिए? 
ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने भी इस क्षेत्र के लिए बढ़ते जोखिमों पर चिंता जताई है. फर्म ने कहा कि विलय और अधिग्रहण की बढ़ती गतिविधियों से आईटी सेवा कंपनियों के लिए एआई से संबंधित जोखिम बढ़ सकते हैं. फर्म ने चेतावनी दी कि एआई के कारण होने वाली महंगाई अगले छह से आठ तिमाहियों तक उद्योग की बढ़ोतरी पर दबाव डाल सकती है और कहा कि क्षेत्र का वैल्‍यूवेशन आखिर 13-14 गुना मूल्य-से-आय अनुपात पर स्थिर हो सकता है. ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है. कुछ एक्‍सपर्ट्स आईटी शेयरों में तेजी पर निकलने की भी सलाह दे रहे हैं और कुछ का मानना है कि अगर आप लॉन्‍गटर्म के नजरिए से देख रहे हैं तो आपको 6 से 7 महीने का इंतजार करना चाहिए. 

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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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