फिडेंस सेक्टर की एक कंपनी शानदार तेजी दिखा रही है. पिछले छह महीने में यह स्टॉक 60 फीसदी तक चल चुका है, जबकि एक साल के दौरान इस शेयर में 40 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. अब ब्रोकरेज का बड़ा टारगेट आया है और कहा गया है कि यह शेयर 23,000 रुपये के लेवल को पार कर सकता है.
यह कंपनी भारत के कमर्शियल विस्फोटक मार्केट में एक खास प्लेयर है और अब इंटरनेशनल मार्केट में भी अपना विस्तार कर रही है.मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, कंपनी द्वारा ओमनिया होल्डिंग्स का अधिग्रहण दक्षिण अफ्रीका और पड़ोसी बाजारों में इसकी उपस्थिति को और मजबूत करेगा.
हम जिस कंपनी की बात कर रहे हैं, वह सोलार इंडस्ट्रीज लिमिटेड (SOIL) है. यह कंपीन धीरे-धीरे एक प्रमुख डिफेंस सेक्टर की कंपनी बन रही है. ब्रोकरेज का कहना है कि HMX जैसे उच्च गलनांक वाले विस्फोटकों से आगे बढ़कर गोला-बारूद, रॉकेट और ड्रोन-रोधी सिस्टम तक इसका विस्तार डिफेंस वैल्यू चेन में और ऊपर जाने की इसकी रणनीति को दिखाता है.
ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि नागस्त्र, रुद्रस्त्र और भार्गवस्त्र जैसे उत्पादों के सफल परीक्षण और चालू होने से SOIL के डिफेंस रेवेन्यू बेस का विस्तार उसके मौजूदा पिनाका और HMX बिजनेस से तेजी से आगे बढ़ेगा.
विस्फोटक उद्योग में कंपनी की तगड़ी हिस्सेदारी
सबसे खास बात है कि कंपनी शानदार हिस्सेदारी अपने कब्जे में रखे हुए है. कंपनी ने विस्फोटक इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा 23 फीसदी तक हिस्सेदारी है. कोल इंडिया में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 20-23% है. घरेलू बाजार के अलावा, SOIL ने निर्यात और विदेशी विनिर्माण सुविधाओं के माध्यम से अपना इंटरनेशनल कारोबार भी बढ़ाया है.
कंपनी के पास बड़ा ऑर्डर बुक
कंपनी को नागस्त्र मिसाइल के लिए पहले ही ऑर्डर मिल चुके हैं और भार्गवस्त्र मिसाइल का परीक्षण चल रहा है. यह ब्रह्मोस मिसाइल के लिए बूस्टर सिस्टम भी बनाती है और 155 मिमी गोला बारूद के उत्पादन की क्षमता का विस्तार कर रही है.
वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2026 के बीच SOIL के रक्षा ऑर्डर बुक और राजस्व में 148% और 81% की CAGR दर्ज की गई है. जून 2026 तक, इसके डिफेंस ऑर्डर बुक की वैल्यू लगभग 18,000 करोड़ रुपये था, जिसमें 11,000 करोड़ रुपये के इंटरनेशनल डिफेंस ऑर्डर और लगभग 6,000 करोड़ रुपये का पिनाका ऑर्डर शामिल था.