केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का बजट पेश करेंगी. यह उनका 9वां बजट है. पहली बार रविवार को बजट पेश किया जा रहा है. हर वर्ग इस बजट से खास उम्मीदें लगाए बैठा है. वित्त मंत्री आज संसद में इनकम टैक्स स्लैब, ओल्ड टैक्स रिजीम, टीडीएस कटौती, जीएसटी रिफॉर्म और सोने-चांदी के बढ़ते दामों पर बड़े ऐलान कर सकती हैं. इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में करीब 7 फीसदी ग्रोथ का संकेत दिया गया है. अब देखना होगा कि सरकार मंहगाई, टैक्स, निवेश और ग्लोबल रिस्क पर क्या संदेश देती है.
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-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'भारत को मेडिकल टूरिज़्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए मैं राज्यों को समर्थन देकर देश में 5 क्षेत्रीय हब स्थापित करने की योजना का प्रस्ताव रखती हूं. मैं तीन नए ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड करने और अधिक कुशल व्यक्तियों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखती हूं. साथ ही जमनगर में WHO के ग्लोबल ट्रैडिशनल मेडिसिन सेंटर को भी अपग्रेड किया जाएगा.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं एक उच्च स्तरीय ‘Education to Employment and Enterprise’ स्थायी समिति बनाने का प्रस्ताव रखती हूं, जो सेवाओं के क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करके विकसित भारत का मुख्य इंजन बनने के लिए उपाय सुझाएगी. इससे हम 2047 तक सेवाओं में 10% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ ग्लोबल लीडर बनेंगे. समिति उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी, जहां विकास, रोजगार और निर्यात की सबसे अधिक संभावनाएं हैं. साथ ही यह उभरती तकनीकों, जैसे AI, का रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर प्रभाव का मूल्यांकन करेगी और उसके अनुसार उपाय सुझाएगी.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं विकसित भारत के लिए बैंकिंग सेक्टर की समग्र समीक्षा और इसे भारत के अगले विकास चरण के साथ जोड़ने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का प्रस्ताव रखती हूं, जिससे वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.' उन्होंने यह भी कहा, 'विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक (PROI) को सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में पोर्टफोलियो निवेश योजना (PIS) के माध्यम से निवेश करने की अनुमति दी जाएगी. साथ ही PROI के निवेश की सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% करने का प्रस्ताव है.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हम 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों, यानी टियर 2 और टियर 3 शहरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे. वित्त वर्ष 2026-27 में मैं सार्वजनिक पूंजीगत खर्च (पब्लिक कैपेक्स) को 12.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव रखती हूं. पर्यावरण के अनुकूल यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए हम 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो शहरों को विकास के कनेक्टर के रूप में जोड़ेंगे: मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले 5 साल में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) तकनीक में 20,000 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे, ताकि इसे ज्यादा बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सके और तैयारियों को मजबूत किया जा सके.
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'पर्यावरण के अनुकूल माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मैं नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं, जो पूर्व में डांकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ेगा. अगले 5 वर्षों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, शुरूआत राष्ट्रीय जलमार्ग 5 से ओडिशा में होगी, जो तालचर और अंगुल जैसे खनिज-समृद्ध क्षेत्रों और कलिंगानगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और डामरा के बंदरगाहों से जोड़ेगा. साथ ही, वाराणसी और पटना में इनलैंड वाटरवे के लिए जहाज मरम्मत का एक इकोसिस्टम भी स्थापित किया जाएगा.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं हाई क्वालिटी वाले खेल सामान के निर्माण और शोध के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव रखती हूं. मैं भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एमएसएमई विकास फंड की स्थापना का प्रस्ताव रखती हूं.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मैं चुनौतीपूर्ण तरीके से मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं. साथ ही खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू करने का प्रस्ताव है.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हाई-वैल्यू और तकनीकी रूप से उन्नत निर्माण और अवसंरचना उपकरण (CIE) के घरेलू उत्पादन को मजबूत करने के लिए एक योजना शुरू की जाएगी. इसमें फायरफाइटिंग उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोअरिंग मशीन तक के उपकरण शामिल हो सकते हैं.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'चूंकि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, इसलिए हमें तीन कर्तव्यों से प्रेरणा मिली है. पहला कर्तव्य है आर्थिक विकास को तेज और स्थायी बनाना, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और वैश्विक अस्थिर परिस्थितियों के प्रति मजबूती तैयार करना. दूसरा कर्तव्य है हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता बढ़ाना, उन्हें भारत की समृद्धि के रास्ते में मजबूत साझेदार बनाना. तीसरा कर्तव्य, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विज़न के अनुरूप, यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधन, सुविधाएं और सार्थक भागीदारी के अवसर मिलें.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'साल 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स (Rare Earth Permanent Magnets) योजना शुरू की गई थी. अब हम खनिज संपन्न राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में समर्थन देने का प्रस्ताव रखते हैं.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हम ‘इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन 2.0’ शुरू करेंगे और तकनीक और कुशल कामगार विकसित करने के लिए उद्योग-केंद्रित शोध और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान देंगे.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'आज हम ऐसे बाहरी वातावरण का सामना कर रहे हैं, जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद कमजोर हैं और संसाधनों व आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच में बाधाएं हैं. नई तकनीकें उत्पादन प्रणाली को बदल रही हैं और साथ ही पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग को बढ़ा रही हैं. भारत 'विकसित भारत' की दिशा में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाता रहेगा, जिसमें महत्वाकांक्षा और समावेशिता का संतुलन होगा. एक बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में, जिसमें व्यापार और पूंजी की जरूरतें बढ़ रही हैं, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहना होगा, ज्यादा निर्यात करना होगा और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'भारत को एक वैश्विक बायो-फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए मैं अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखती हूं. इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'आर्थिक विकास को तेज और स्थायी बनाने के लिए मैं छह क्षेत्रों में कदम उठाने का प्रस्ताव रखती हूं- सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ाना; पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से सक्रिय करना; प्रमुख एमएसएमई तैयार करना; बुनियादी ढांचे को मजबूती देना; दीर्घकालीन सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना; और शहरों के आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना.'
-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक बनाते हुए हमने घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाई, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है. साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकार की हर पहल का फायदा नागरिकों तक पहुंचे, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, घरेलू खरीद क्षमता और सभी के लिए सेवाओं को बढ़ावा देने वाले सुधार किए गए हैं. इन कदमों से लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल हुई है और गरीबों के जीवन स्तर में सुधार और गरीबी कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है.'
-केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हमने बड़े और दूरगामी संरचनात्मक सुधार किए हैं. राजकोषीय अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखी गई है, साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया गया है और आत्मनिर्भरता को आधार बनाया गया है. हमने घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाई है, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की है और जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है.'
-निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हमारी सरकार ने असमंजस के बजाय लगातार और निर्णायक रूप से कार्रवाई का रास्ता चुना है. हमने दूरगामी ढांचागत सुधारों, राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता पर जोर दिया है, साथ ही सार्वजनिक निवेश को मजबूती से आगे बढ़ाया है.'
-केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में, जब से हमने जिम्मेदारी संभाली है, देश की आर्थिक दिशा स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और नियंत्रित महंगाई से जुड़ी रही है. यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है, जो अनिश्चितता और व्यवधानों के दौर में भी किए गए.'
-लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण शुरू हो चुका है. वह 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं.
-बैठक में बजट को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. अब थोड़ी देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश करेंगी.
-बजट को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'भारतीय अर्थव्यवस्था में कुछ बुनियादी और संरचनात्मक समस्याएं हैं, जिनका पिछले एक दशक से समाधान नहीं हुआ है. निजी पूंजी निवेश अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी गिरावट आई है. मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्री भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूद संरचनात्मक असमानताओं को पहचानेंगी और उन्हें ईमानदारी से दूर करने की कोशिश करेंगी.'
-बजट को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'मुझे ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं, लेकिन देखते हैं.'
-केंद्रीय बजट को लेकर रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा, 'रेलवे आधुनिक भारत की ग्रोथ इंजन है और विकसित भारत का मजबूत स्तंभ है. प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य हर सेक्टर पर फोकस करना है. यह एक असाधारण बजट होगा.'
-केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'यह एक ऐतिहासिक बजट होगा. प्रधानमंत्री की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ेगी.'
-केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, 'जिस सरकार से हमें कोई उम्मीद ही नहीं है, उससे बजट को लेकर क्या उम्मीद की जा सकती है. पिछले कुछ बजटों में हमने देखा है कि वे सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए थे. सरकार को पहले यह आकलन करना चाहिए कि उसने जो वादे किए थे, क्या वे पूरे हुए या नहीं.'
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026-27 पेश करने से पहले कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए संसद पहुंची चुकी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्रीय कैबिनेट बजट 2026-27 को मंजूरी देगी, जिसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा.
-बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.
-निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंच चुकी हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद वह संसद भवन जाएंगी.
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने आवास से निकल चुकी हैं. वह सीधे वित्त मंत्रालय पहुंचेंगी, जहां वह अधिकारियों से मुलाकात करेंगी. इसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने राष्ट्रपति भवन जाएंगी.
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विकास की रफ्तार को बनाए रखने की चुनौती
आज पेश होने वाले बजट में आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन कायम रखने और ऐसे सुधारों की घोषणा की उम्मीद है, जो वैश्विक व्यापार तनाव, खासकर अमेरिका की टैरिफ नीति, से अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक सुरक्षा दे सकें. यह आजाद भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब बजट रविवार के दिन आएगा.
अब तक टैक्स और जीएसटी में बड़ी कटौती, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और भारतीय रिजर्व बैंक की ब्याज दरों में कमी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालकर रखा है. इन कदमों की वजह से भारत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय सामान पर लगाए गए 50% टैरिफ के बावजूद टिक पाया है. लेकिन अब वित्त मंत्री के सामने इस रफ्तार को आगे भी बनाए रखने की चुनौती है.
नए विकास इंजन की तलाश की चुनौती
यह बजट एक जटिल माहौल में आ रहा है. घरेलू मांग अब भी बनी हुई है और महंगाई हाल के ऊंचे स्तर से कुछ कम हुई है. टैक्स कटौतियों की वजह से सरकारी राजस्व पर असर पड़ा है, जिससे नए बजट में अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए वित्त मंत्री के विकल्प सीमित हो गए हैं.
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, उनकी सबसे बड़ी चुनौती नए विकास इंजन की तलाश होगी. यह चुनौती ऐसे समय में और बड़ी है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता और बंटवारे से जूझ रही है और वित्तीय बाजार दबाव में हैं.
सबसे निचले स्तर पर पहुंचा रुपया
निवेशकों का भरोसा दोबारा कायम करना भी आसान नहीं होगा. अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता ने बाजारों को असहज किया है. विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और रुपये पर दबाव बढ़ गया है, जिससे वह अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.
कुछ जानकारों का मानना है कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए पेट्रोल और डीजल का सहारा ले सकती है. अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से पहले सीमित समय का फायदा उठाते हुए इन दोनों ईंधनों पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया जा सकता है. माना जा रहा है कि इस बढ़ोतरी का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा, बल्कि पिछले साल तेल कीमतें गिरने पर जो खुदरा कीमतों में कटौती बनती थी, उसी के साथ इसे समायोजित किया जाएगा.
ईवी और होम लोन को लेकर भी उम्मीदें
इलेक्ट्रिक वाहन और होम लोन दोनों मोर्चों पर भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं. ईवी इंडस्ट्री चाहती है कि सरकार पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाए, टैक्स में राहत दे और आसान फाइनेंस की सुविधा उपलब्ध कराए, ताकि लोग बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट करें. साथ ही ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स और पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को स्क्रैप कर ईवी खरीदने पर ज्यादा प्रोत्साहन देने की मांग है. दूसरी ओर, टैक्सपेयर्स चाहते हैं कि होम लोन पर ब्याज के लिए सेक्शन 24(b) और प्रिंसिपल पर सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाली छूट को नए टैक्स सिस्टम में भी शामिल किया जाए, ताकि घर खरीदने वालों को सीधी राहत मिल सके और रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिले.