मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में अगले 10 सालों का विजन पेश किया. लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि बजट देश की विकास यात्रा का माध्यम होगा. सरकार ने विकास को जन आंदोलन बनाया. देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है. उन्होंने कहा कि आने वाले 8 सालों में हमारी अर्थव्यवस्था 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी. हमें आने वाले सालों में सहज-सुखद जीवन के लिए बुनियादी और सामाजिक इंफास्ट्रक्चर तैयार करना है.
पीयूष गोयल ने कहा कि हमें एक ऐसे डिजिटल भारत का निर्माण करना है जहां हमारे युवा स्टार्ट-अप और इको-सिस्टम से लाखों लोगों को रोजगार दे सके. साथ ही भारत को प्रदूषण मुक्त देश बनाने के लिए इलैक्ट्रिकल वाहनों और सोलर ऊर्जा पर खास ध्यान देना देना. उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ग्रामीण औद्योगीकीकरण को बढ़ाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके.
2 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले किसानों को 6 हजार सालाना मिलेगा: ,
विस्तार से यहां पढ़ें-देखें-
— आज तक (@aajtak)
देश के विकास को सशक्त बनाना
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सभी भारतीयों के लिए सुरक्षित पेयजल के साथ स्वच्छ नदियां और लघु सिंचाई तकनीकी को अपनाना होगा. इसके माध्यम से सिंचाई में जल का कुशल उपयोग करना सीखना होगा. साथ ही सागरमाला कार्यक्रम के प्रयासों में तेजी लाने के साथ भारत के तटीय और समुद्री मार्गों के माध्यम से देश के विकास को सशक्त बनाना.
भारत उपग्रह प्रक्षेपण का केंद्र बना, में देखिए वित्त मंत्री ने क्या-क्या कहा.
विस्तार से यहां पढ़े-
— आज तक (@aajtak)
उन्होंने कहा कि हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम-गगनयान, भारत दुनिया के उपग्रहों को छोड़ने का लांच पैड बन चुका है और 2022 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजना हमारा लक्ष्य है. सर्वाधिक जैविक तरीके से खाद्यान्न उत्पादन और खाद्यान्न निर्यात में भारत को आत्म निर्भर बनाना और विश्व की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खाद्यान्नों का निर्यात करना.
2030 तक स्वस्थ भारत, इनकम टैक्स से लेकर कैपिटल गेन टैक्स तक पर बड़ी घोषणाएं. देखिए वित्त मंत्री का बजट भाषण
विस्तार से यहां देखें-
— आज तक (@aajtak)
10 साल के मोदी सरकार के इस विजन में स्वास्थ्य सुविधाओं पर खास फोकस रहेगा. पीयूष गोयल ने कहा कि 2030 तक स्वस्थ भारत और एक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ आयुष्मान भारत और महिला सहभागिता भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी. भारत को न्यूनतम सरकार, अधिकतम अभिशासन देश बनाना, जहां एक चुनी हुई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सहकर्मियों और अधिकारियों के अभिशासन को मूर्त रूप दिया जा सकता है.