बिहार में सत्ता बदलते ही सियासत ने एक बार फिर 360 डिग्री का टर्न ले लिया है. विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने लालू-राबड़ी के कार्यकाल को जंगलराज करार देती रही है, अब सत्ता पर बीजेपी विराजमान है और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार की घेराबंदी करने के लिए कानून व्यवस्था को सियासी हथियार बनाना शुरू कर दिया है.
'जंगलराज' के आरोपों से घिरने वाली आरजेडी के सिपहसालार तेजस्वी यादव ने इस बार रक्षात्मक होने के बजाय फ्रंट फुट पर आकर खेलने का फैसला किया. तेजस्वी ने सीधे सम्राट सरकार को आंकड़ों के चक्रव्यूह में फंसाते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. हाल के दिनों में बिहार में हुए अपराधी घटना की फेहरिस्त और सरकारी आंकड़े जारी करते हुए सीएम सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला.
अपराध और महिला असुरक्षा पर तेजस्वी ने घेरा
आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लिया है. तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा किया है. जिसमें उन्होंने राज्य में बढ़ रहे अपराध, महिलाओं की असुरक्षा और प्रशासनिक विफलता को लेकर सरकार की घेराबंदी की है.
तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए लिखा कि अपराधियों के सम्राट जवाब दें कि पिछले 1 महीने में ही बिहार से 8681 बच्चे क्यों गायब हुए, जिसमें 85 फीसदी लड़कियां हैं? हालांकि, तेजस्वी ने इस आंकड़ो का सोर्स नहीं बताया है.
आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि संवाद अदायगी (डायलॉगबाजी) से ही बिहार संभालने की गलतफहमी पाले बैठे बयान बहादुर की सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. बिहार में आज महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को आर्टिफिशियल सीएम बताते हुए कहा कि ऐसी बातें करने वालों को न तो बिहार की फिक्र है और न ही बिहारवासियों की.
सम्राट सरकार के 'सुशासन' पर करारा प्रहार
तेजस्वी ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले नीट छात्रा की हत्या और अब पॉलिटेक्निक परीक्षा देने पटना आई नाबालिग छात्रा के साथ होटल में छेड़छाड़ और अपहरण का प्रयास. इस बात का प्रमाण है कि बिहार में अपराधी अब सम्राट रूप धारण कर चुके हैं. तेजस्वी ने 'NAARI 2025 की रिपोर्ट' का हवाला देते हुए पटना को महिलाओं के लिए देश का सबसे असुरक्षित शहर बताया.
तेजस्वी यादव ने इन आंकड़ों ने नीतीश-सम्राट सरकार की दुखती रग पर हाथ रख दिया है. बीजेपी नेता सम्राट चौधरी जो कभी नीतीश कुमार के खिलाफ पगड़ी बांधकर घूमते थे और आरजेडी को अपराध की जननी बताते थे, आज खुद कानून व्यवस्था के मोर्चे पर घिरते नजर आ रहे हैं. तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि पाताल से अपराधियों को ढ़ूंढ़ने का दावा कर डायलॉग बांचने वाले कृत्रिम तरीके से 𝐍𝐨𝐦𝐢𝐧𝐚𝐭𝐞𝐝 मुख्यमंत्री बने 'अपराधियों के सम्राट' की सरकार में पुलिस और कानून का डर पूरी तरह से खत्म हो चुका है.
तेजस्वी ने कहा कि बड़बोले मुख्यमंत्री से आग्रह है कि टपोरियों की तरह सड़कछाप डायलॉगबाजी छोड़, रीलबाजी से फुर्सत निकाल कर बिहार की मातृशक्ति की सुरक्षा के लिए कारगर उपाय करें. हम महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होने देंगे. इस तरह से तेजस्वी ने बीजेपी के हथियार से ही बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है.
बिहार की सियासत में '360 डिग्री' का खेल
बिहार की सियासत कैसे 360 डिग्री घूम गई है. जो लोग कल 'जंगलराज' के नैरेविट से आरजेडी को घेरते रहे हैं., आज उसी आरजेडी ने उन्हें कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री के साथी बदल जाते हैं, लेकिन सियासी आरोप-प्रत्यारोप की स्क्रिप्ट वही पुरानी रहती है. तेजस्वी के इस आक्रामक अंदाज और आंकड़ों के हमले के बाद सम्राट सरकार भी बैकफुट पर रहने के मूड में नहीं है.
जेडीयू और बीजेपी के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव को आंकड़े जारी करने से पहले अपने माता-पिता (लालू-राबड़ी) के 15 साल के उस दौर को याद करना चाहिए, जब बिहार में शाम के बाद लोग घरों से निकलने में डरते थे. इस बिहार की राजनीति में अब 'क्राइम' की बहस सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह 'आंकड़ों की जंग' बन चुकी है.
तेजस्वी यादव ने 'जंगलराज' के टैग को उखाड़ फेंकने के लिए सरकारी आंकड़ों को ही अपना हथियार बना लिया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि सम्राट चौधरी इस चक्रव्यूह को भेदने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं, क्योंकि आरजेडी अब खुलकर सम्राट सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है.