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आमदनी 27 लाख, खर्चा ढाई करोड़? बिहार में जांच के घेरे में DPO और उनकी पत्नी

बिहार के सारण जिले में शिक्षा विभाग के एक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की आय से अधिक संपत्ति के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. जांच समिति की रिपोर्ट में वेतन और बैंक खातों में हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन के बीच बड़ा अंतर सामने आने के बाद मामला राज्य शिक्षा विभाग को भेज दिया गया है.

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 बिहार में जांच के घेरे में DPO और उनकी पत्नी (Photo: representational image)
बिहार में जांच के घेरे में DPO और उनकी पत्नी (Photo: representational image)

बिहार के सारण जिले में शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है. माध्यमिक शिक्षा, योजना एवं लेखा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर के खिलाफ गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंप दी है. इसके बाद रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेज दी गई है.

27.43 लाख रुपये कमाए, खर्च दिए 2.51 करोड़

जांच रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने अधिकारियों का ध्यान खींचा है. समिति के अनुसार, अजीत अमर ने अपने 32 महीने के कार्यकाल के दौरान सैलरी के रूप में करीब 27.43 लाख रुपये पाए हैं. वहीं इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों से लगभग 2.51 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन दर्ज होने की बात सामने आई है. इस बड़े अंतर को जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है.

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारी की पत्नी के नाम पर सारण जिले के एकमा क्षेत्र में लगभग 120 कट्ठा जमीन खरीदी गई थी, जिसकी कीमत करीब 41.50 लाख रुपये बताई गई है. इसके अलावा कई लाख रुपये की लागत से मकान निर्माण से जुड़े डॉक्युमेंट भी जांच के दौरान सामने आए हैं. समिति ने इन संपत्तियों के स्रोत की विस्तृत जांच की सिफारिश की है.

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ठेकेदार की शिकायत से खुला मामला

पूरा मामला एक ठेकेदार की शिकायत के बाद शुरू हुआ. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अजीत ने सरकारी कार्य कराने के बदले पैसे की मांग की थी. इसी शिकायत के आधार पर जांच समिति गठित की गई, जिसने बैंक खातों, संपत्ति और अन्य डॉक्युमेंट्स की पड़ताल की.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में अजीत अमर, उनकी पत्नी और अन्य परिजनों के बैंक खातों एवं संपत्तियों की गहन जांच कराने की बात कही है. साथ ही विभिन्न बैंकों और सरकारी विभागों से संबंधित रिकॉर्ड जुटाने की भी सिफारिश की गई है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके.

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट राज्य मुख्यालय भेज दी गई है. अब बिहार सरकार रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद विभागीय और कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लेगी. फिलहाल मामला शिक्षा विभाग के स्तर पर विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी.
 

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