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किराए का पति, साथ में बच्चा और लग्जरी कार... पहली नजर में लगा फैमिली है, फिर अफसर भी रह गए हैरान

एक महिला, एक आदमी और एक बच्चा... पहली नजर में ये एक फैमिली लग रही थी, लेकिन पुलिस का दावा है कि यह परिवार असली नहीं था. यह शराब की स्मगलिंग का ऐसा मॉडल था, जिसमें किराए का पति और किराए का बच्चा भी शामिल था. मोतिहारी पुलिस की जांच में जो कहानी सामने आई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया.

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कार की चेकिंग के दौरान हुआ कहानी का खुलासा. (Photo: Screengrab)
कार की चेकिंग के दौरान हुआ कहानी का खुलासा. (Photo: Screengrab)

बिहार के मोतिहारी में शराब तस्करी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर शायद आपको किसी फिल्म की कहानी याद आ जाए. एक महिला, उसके साथ एक शख्स और एक बच्चा. देखने वालों को यही लगता था कि छोटा-सा परिवार सफर पर निकला है. लेकिन पुलिस का दावा है कि यह परिवार असली नहीं, बल्कि शराब तस्करी के लिए तैयार किया गया 'सेटअप' था.

मामला पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा इलाके का है. विभाग के अधिकारियों को खबर मिली थी कि उत्तर प्रदेश से एक लग्जरी कार में शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है. सूचना मिलते ही उत्पाद निरीक्षक शिवेंद्र कुमार की टीम ने इलाके में वाहन जांच शुरू कर दी. कुछ देर बाद एक लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली गई.

शुरुआत में कार में बैठी महिला ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. उसने आरोप लगाया कि उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि महिला ने टीम को उलझाने और जांच रुकवाने की भी कोशिश की.

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जब अधिकारियों ने कार की बारीकी से तलाशी ली तो सीट के नीचे बने एक खास तहखाने से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई. पुलिस के मुताबिक, शराब को इतनी सफाई से छिपाया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना आसान नहीं था. इसके बाद महिला समेत कार में सवार तीनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया.

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यह भी पढ़ें: बिहार: बेतिया में शराब तस्करी का नया जुगाड़, खेतों की मेड़ से घोड़े पर ढोई जा रही शराब, घोड़ा और तस्कर गिरफ्तार

पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया. पुलिस का कहना है कि महिला ने बताया कि कार चला रहा व्यक्ति उसका पति नहीं था. उसे तस्करी के लिए 'किराए का पति' बनाया गया था. इसके बदले उसे हर खेप पर 2 हजार रुपये मिलते थे. महिला को 1500 रुपये और साथ मौजूद बच्चे को 500 रुपये दिए जाते थे, ताकि रास्ते में किसी को शक न हो और वे एक फैमिली की तरह दिखें.

महिला ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क में शामिल लोग अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं. जरूरत पड़ने पर उन्हें एक साथ लाया जाता था और शराब की खेप पहुंचाने के बाद सभी अपने-अपने रास्ते चले जाते थे.

यूपी से मुजफ्फरपुर पहुंचने का था प्लान

इस बार उनका प्लान उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने का था. लेकिन कोटवा में ही उत्पाद विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ लिया. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है. यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरीके से पहले भी कई बार शराब की तस्करी की गई थी और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं.

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बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं. लेकिन 'किराए का पति', 'किराए का बच्चा' और लग्जरी कार के सहारे शराब की तस्करी का यह तरीका पुलिस के लिए भी नया था. अब जांच इस बात पर टिकी है कि इस पूरे खेल की डोर आखिर किसके हाथ में है.

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