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'नीतीश कुमार जैसा कोई नहीं', फूट-फूट कर रोए CM के करीबी मंत्री अशोक चौधरी- Video

नीतीश कुमार के इस्तीफे से बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है. राज्यसभा जाने के बाद उनके समर्थक भावुक हैं. अशोक चौधरी और संजय सिंह ने कहा कि नीतीश जैसा नेता मिलना मुश्किल है और उनका मार्गदर्शन सदन में अब नहीं मिलेगा. उन्होंने बताया कि नीतीश ने शिक्षा और बेटियों के लिए अहम फैसले लिए, जैसे पोशाक योजना, जिससे लड़कियों की पढ़ाई को बढ़ावा मिला और समाज में सकारात्मक बदलाव आया.

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नीतीश कुमार ने विधानपरिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. (Photo: Screengrab)
नीतीश कुमार ने विधानपरिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. (Photo: Screengrab)

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने विधानपरिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसे सभापति ने स्वीकार भी कर लिया है. अब वे जल्द ही राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे. साथ ही यह भी लगभग तय माना जा रहा है कि राज्य की कमान अब किसी नए मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी. इस घटनाक्रम के बाद उनके समर्थकों में मायूसी साफ नजर आ रही है.

नीतीश कुमार के इस्तीफे का असर उनके करीबी नेताओं पर भी गहराई से पड़ा. बिहार सरकार में मंत्री और विधानपरिषद सदस्य अशोक चौधरी इस खबर से भावुक हो उठे. जब पत्रकारों ने उनसे प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो वे खुद को संभाल नहीं सके और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. उनकी स्थिति देखकर पत्रकारों ने भी सवाल करना बंद कर दिया.

कुछ देर बाद खुद को संभालते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि देश में नीतीश कुमार जैसा दूसरा नेता होना मुश्किल है. उन्होंने बताया कि राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद इस्तीफा देना एक औपचारिक मजबूरी थी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नीतीश कुमार का स्नेह और मार्गदर्शन लगातार मिला. यहां तक कि जब वे कांग्रेस में थे, तब भी उन्हें नीतीश का सहयोग मिलता रहा. उन्होंने नीतीश को एक सम्मानित, दूरदर्शी और पूरे प्रदेश का संरक्षक बताया. बिहार तक से बातचीत में मंत्री अशोक चौधरी और MLC संजय सिंह दोनों भावुक हो गए.

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उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का मार्गदर्शन अब सदन के अंदर नहीं मिल पाएगा. वो हमेशा सदन में समझाते रहते थे, उनकी कमी सदन के अंदर खलेगी. अशोक चौधरी ने यह भी याद किया कि नीतीश कुमार सदन में अपने सहयोगियों का हर परिस्थिति में मार्गदर्शन करते थे. वे कभी सख्ती से समझाते, तो कभी स्नेहपूर्वक समझाकर समस्याओं का हल निकालते थे. यदि कोई सदस्य किसी कठिन सवाल में उलझ जाता, तो उसे भी रास्ता दिखाते थे.

'छात्राओं के लिए पोशाक योजना शुरू की गई थी'
अशोक चौधरी ने कहा, नीतीश कुमार कैबिनेट में बड़े-बड़े निर्णय लेते थे. नीतीश कुमार ने देखा कि हमारी सिर्फ कुछ प्रतिशत बच्चियां मैट्रिक पास करती हैं, उनका आंकड़ा 15% 20% था, फिर उन्होंने सर्वे कराया तो पता चला कि पूरे बिहार, पूरे हिंदुस्तान में लड़कियों का सबसे ज्यादा ड्रॉपआउट रेट है. और इसका कारण बच्चियों के पास अच्छी पोशाक का न होना था. अशोक चौधरी ने कहा, नीतीश कुमार पहला ऐसे नेता था जिसने पोशाक योजना की शुरुआत की. उन्होंने कहा, नेता वो होता है जो विजुअलाइज करता है.

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