अतुल कुशवाह वर्तमान में आजतक डिजिटल में चीफ सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. राजनीति, अपराध, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें करते हैं. न्यूजरूम में जटिल खबरों को भी सरल, स्पष्ट और प्रभावी ढंग से पेश करने का काम करते हैं. तेज न्यूज सेंस, सटीक हेडलाइन और गहराई से स्टोरी टेलिंग करना.
अतुल ने अपने जर्नलिज्म करियर की शुरुआत दैनिक जागरण के कानपुर एडिशन से की. अपने शुरुआती दिनों में ही उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए खबरों की असल नब्ज को समझा और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को करीब से देखा.
करियर की शुरुआत में सिनेमा पर रिपोर्टिंग के साथ फिल्म रिव्यू भी किए. इसके बाद उन्होंने अंबाला और आगरा के विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया, जहां उन्होंने डेस्क के साथ रिपोर्टिंग भी की. ग्वालियर में नईदुनिया के साथ उनका लंबा जुड़ाव रहा. यहां उन्होंने कई संवेदनशील मुद्दों पर काम किया, जिनमें सामाजिक सरोकार, प्रशासनिक चुनौतियां और जमीनी समस्याएं शामिल थीं.
शिक्षा की बात करें तो कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद अतुल ने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. अतुल पेशे से भले ही पत्रकार हैं, लेकिन दिल से एक कवि और शायर भी हैं. वे कविता, शायरी और गजल लिखते हैं और कई बड़े साहित्यिक मंचों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर चुके हैं. उनके शब्दों में संवेदनशीलता, गहराई और जीवन के अनुभवों की झलक दिखाई देती है. इसके अलावा सिनेमा, किताबें, संगीत और फैशन में उनकी गहरी रुचि है.
अतुल के लेखन में एक ओर जहां खबरों की सख्ती और तथ्यात्मकता नजर आती है, वहीं दूसरी ओर शब्दों की नरमी और संवेदनशीलता भी महसूस होती है.