'होर्मुज से सभी बारूदी सुरंगें साफ, अब नई माइंस बिछाई तो...', ट्रंप की ईरान को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी बारूदी सुरंगों को हटाने या नष्ट करने का दावा किया है. उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि कोई नई सुरंगें बिछाता है तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा.

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डोनॉल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है डोनॉल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से सभी बारूदी सुरंगों (माइंस) को या तो हटा दिया गया है या उन्हें विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि इस समुद्री मार्ग में नई बारूदी सुरंगें बिछाने वाले किसी भी जहाज या बोट को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा.

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ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर कहा, 'मुझे अभी-अभी अमेरिकी नौसेना ने जानकारी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र के भीतर मौजूद सभी माइंस को हटा दिया गया है और/या विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया है.'

उन्होंने आगे कहा, 'ईरान को सूचित कर दिया गया है कि नई माइंस बिछाने वाले किसी भी जहाज या नाव को तत्काल और व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा.'

ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है. यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

Space Force से हो रही होर्मुज की निगरानी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका Space Force की मदद से पूरे होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी कर रहा है. उन्होंने कहा, 'Space Force के जरिए हम जलडमरूमध्य के एक-एक इंच पर नजर रख रहे हैं.'

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ट्रंप ने इसके साथ ही कहा कि अमेरिका 'Pickaxe Mountain' और पहले ही नष्ट किए जा चुके तीन अन्य परमाणु ठिकानों पर भी निगरानी बनाए हुए है.

होर्मुज से तेल की आवाजाही में भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान पिछले कई हफ्तों से एक-दूसरे की सेनाओं पर सीधे हवाई हमलों से बचते रहे हैं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों की घटनाएं जारी हैं. इस अहम समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही पर भी बड़ा असर पड़ा है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली कंपनी Vortexa के शुरुआती आंकड़ों के हवाले से बताया कि सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही घटकर करीब 50 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई.

युद्ध से पहले इस मार्ग से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से अधिक तेल गुजरता था. उस समय होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाला तेल दुनिया की कुल तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा था. ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर जारी तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम बना हुआ है.
 

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