'दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक है पाकिस्तान', अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने दिया बड़ा बयान

एक ओर जहां वह पाकिस्तान के साथ लड़ाकू विमानों की डील करता है, वहीं वह अब उसे दुनिया का सबसे खतरनाक देश बता रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाकिस्तान को लेकर यह बयान दिया है. मालूम हो कि पाकिस्तान विदेश से मिलने वाले सैन्य हथियारों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता है.

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डेमोक्रेटिक कांग्रेस की अभियान समिति के समारोह में बाइडेन ने दिया बयान (फाइल फोटो) डेमोक्रेटिक कांग्रेस की अभियान समिति के समारोह में बाइडेन ने दिया बयान (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि शायद दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक पाकिस्तान है, क्योंकि इस देश के पास बिना किसी समझौते के ही परमाणु हथियार हैं. व्हाइट हाउस ने जारी किया है. बाइडन ने यह बात डेमोक्रेटिक कांग्रेस की अभियान समिति के स्वागत समारोह में कही है. व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने बताया कि इस संघर्ष से दुनिया बहुत प्रभावित हुई है. इसके अलावा उन्होंने अन्य देशों के साथ वॉशिंगटन के संबंधों के बारे में भी बात की.

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इमरान ने बाइडेन के बयान पर उठाए सवाल

द डॉन के मुताबिक पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने बिडेन के बयान को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि अंतररष्ट्रीय एजेंसियों ने कई बार पाकिस्तान के परमाणु निवारक को सत्यापित किया है.

वहीं जो बाइडेन के बयान पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष और पूर्व पीएम इमरान खान ने दो सवाल पूछे. उन्होंने पूछा- किस सूचना पर अमेरिका पाकिस्तान की परमाणु क्षमता को लेकर इस अनुचित निष्कर्ष पर पहुंचा गया, जबकि प्रधानमंत्री रहते समय मुझे पता था कि हमारे पास सबसे सुरक्षित परमाणु कमान और नियंत्रण प्रणाली है? उन्होंने पूछा- पाकिस्तान ने कब आक्रामकता दिखाई है जबकि अमेरिका दुनिया भर में हो रहे युद्धों में शामिल रहता है. इमरान खाने ने बाइडेन के इस बयान को पाकिस्तान सरकार की विफलता बताई. उन्होंने पूछा कि शहबाज शरीफ सरकार ने अमेरिका के साथ किस तरह के संबंध सुधारे हैं.

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बाइडेन ने पुतिन पर भी बोला हमला

व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में रूस के राष्ट्रपति पर हमला करते हुए कहा-'क्या आप में से किसी ने कभी सोचा था कि क्यूबा मिसाइल संकट के बाद कोई रूसी नेता परमाणु हथियारों के उपयोग की धमकी दे सकता है, केवल तीन, चार हजार लोगों को मार सकता है.

बाइडेन ने आगे कहा- "क्या किसी ने सोचा था कि हम ऐसी स्थिति में होंगे जहां रूस, भारत और पाकिस्तान के सापेक्ष चीन अपनी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रहा है?"

अपने गठबंधनों पर पुनर्विचार कर रहे देश

व्हाइट हाउस ने अपनी रिपोर्ट बताया कि बाइडेन ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है. देश अपने गठबंधनों पर पुनर्विचार कर रहे हैं और इस मामले की सच्चाई यह है कि दुनिया हमारी ओर देख रही है. यहां तक ​​कि हमारे दुश्मन भी हमें यह पता लगाने के लिए देख रहे हैं कि हम इसका पता कैसे लगाते हैं, हम क्या करते हैं. बहुत कुछ दांव पर लगा था. बिडेन ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के पास दुनिया को उस स्थान पर ले जाने की क्षमता है, जो पहले कभी नहीं थी.

सितंबर में पाकिस्तान से रक्षा सौदों को दी है मंजूरी

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पिछले महीने ही आठ सितंबर को बाइडेन प्रशासन ने ट्रंप प्रशासन के फैसले को पलटते हुए पाकिस्‍तान को एफ-16 फाइटर जेट के लिए 45 करोड़ डॉलर (3,651 करोड़ रुपये) के उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी थी. इस फैसले को भारत के लिए झटका माना गया. ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की सैन्य सहायता उसके द्वारा अफगानिस्तान के तालिबान अतिवादियों और हक्कानी नेटवर्क को संरक्षण और सहायता देने के कारण रोक दी थी.

पाकिस्तान को सैन्य सहायता देने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने अमेरिकी समकक्ष लायड आस्टिन को फोन कर भारत के हित प्रभावित होने की बात कही थी. इसके बाद अमेरिका के सहायक रक्षा मंत्री एली रैटनर ने कहा था कि पाकिस्तान के लिए स्वीकृत सहायता भारत को किसी प्रकार का संदेश देने के लिए नहीं है. यह सहायता अमेरिका के हितों को ध्यान में रखते हुए और पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग के अंतर्गत स्वीकृत की गई है. इससे पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की भी सुरक्षा होगी.

4 अक्टूबर को पीओके गए थे अमेरिकी राजदूत

पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत डोनल्ड ब्लोम चार अक्टूबर को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुजफ्फराबाद का दौरा किया था. यहां वह पाकिस्तान-यूएस अलमनाई के सदस्यों के साथ एक बैठक में शामिल हुए थे. वहीं अमेरिकी दूतावास के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया है, जिसमें पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर को आजाद जम्मू-कश्मीर लिखा गया था.

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ट्वीट में लिखा गया था,'राजदूत ब्लोम ने पाकिस्तान यूएस अलमनाई के सदस्यों का मुजफ्फराबाद की बैठक में स्वागत किया. यह दुनिया का सबसे बड़ा अमेरिकी अलमनाई प्रोग्राम है. आजाद जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान-यूएस अलमनाई नेटवर्क के 950 सदस्य हैं. हमें इस अलमनाई के जुनून पर गर्व हैं. ये अमेरिका-पाकिस्तान के संबंध को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.'

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