होर्मुज में संघर्ष से सीजफायर वार्ता ठप, अमेरिका ने ईरान पर 11वीं रात किए भीषण हवाई हमले 

अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के लगातार 11वीं रात ईरान पर भीषण हमले किए, जिससे पाकिस्तान में जारी कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद युद्धविराम वार्ता बेपटरी हो चुकी है. इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी संघर्ष और बढ़ते हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है.

Advertisement
अमेरिका ने ईरान पर फिर किया भीषण हवाई हमले. (photo: ITG) अमेरिका ने ईरान पर फिर किया भीषण हवाई हमले. (photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:23 AM IST

अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के कई इलाकों पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट में सीजफायर की कोशिशें पूरी तरह टूटी गई हैं. ये भीषण संघर्ष वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों को और तेज करने के संकेत देते हुए कहा है कि वाशिंगटन की फिलहाल ईरानी अधिकारियों से मिलने में कोई दिलचस्पी नहीं है. इस बीच पाकिस्तान ने संघर्ष को रोकने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें की हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास काफी गहरा है.

Advertisement

अमेरिका ने बैठक से किया इनकार

तनाव के बीच ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने पाकिस्तान का दौरा कर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से कहा कि ईरानी अधिकारी बैठक के लिए बेताब हैं, लेकिन जब तक वो सार्थक चर्चा के लिए तैयार नहीं होते, अमेरिका की मिलने में कोई इच्छा नहीं है.

ईरान ने दी युद्ध फैलाने की धमकी

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका जल्द ही पिकैक्स माउंटेन के पास के इलाके को निशाना बनाएगा जो ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन संयंत्रों के पास एक भूमिगत किला है. इसके जवाब में ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका परमाणु या संवेदनशील ठिकानों पर हमला करता है तो इसे पूरे क्षेत्र में युद्ध का विस्तार माना जाएगा और अमेरिका व उसके सहयोगियों के सभी हितों को निशाना बनाया जाएगा.

Advertisement

होर्मुज में जहाजों पर हमले

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बातचीत और जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो चुकी है. अमेरिकी हमलों की बौछार के बावजूद जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण कमजोर नहीं हुआ है, जहां से दुनिया के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है. मंगलवार को ईरान ने इस जलमार्ग में एक टैंकर पर हमला किया, जिससे उसके चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा. इस कारण बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट के सायरन बजने लगे.

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

इस भीषण संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि अमरीका में पेट्रोल 4 डॉलर प्रति गैलन हो गया है. आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ये युद्ध अमेरिकी जनता में अलोकप्रिय हो रहा है. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ईरान युद्ध में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 500 से ज्यादा हो गई है जो पेंटागन के आधिकारिक आंकड़े 482 से काफी ज्यादा है.

रेड सी में खोला नया मोर्चा

उधर, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा करके एक नया मोर्चा खोल दिया है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने के कारण सऊदी अरब लाल सागर के रास्ते तेल भेजने पर निर्भर था. हूतियों की समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, छह जहाजों को चेतावनियों के बाद अपना रास्ता बदलना पड़ा है. हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को बाब अल-मंदेब से दूर रहने की चेतावनी दी है.

Advertisement

CENTCOM ने ईरान सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) ने बताया कि उसने ईरान के कमांड सेंटरों, मिसाइल व ड्रोन लॉन्च स्थलों और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया है. उधर ईरानी सरकारी मीडिया ने फ़ार्स, होर्मोज़गान, ईलाम, केरमान और सीस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में भीषण धमाकों की सूचना दी है. सेंटकॉम ने बताया कि उसने नाकाबंदी लागू करने के लिए 8 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है और एक को निष्क्रिय कर दिया है.

कुवैत और जॉर्डन पर ईरान का अटैक

ईरान ने मंगलवार को क्षेत्र के अमेरिकी सहयोगी देशों पर भी हमले किए. जॉर्डन ने 5 ड्रोन और 3 मिसाइलों को मार गिराया, जबकि बहरीन में सायरन गूंज उठे. इराक के एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें रोक दी गईं. कुवैत में ईरान ने लगातार चौथे दिन अलवणीकरण (पानी) और बिजली संयंत्रों पर हमला किया, जिससे पेयजल संकट गहरा गया है क्योंकि कुवैत का 90 प्रतिशत पानी यहीं से आता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »