'होर्मुज खुला है, नौसैनिक नाकाबंदी बेहद असरदार रही...', ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा

ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला बताते हुए अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को बेहद असरदार बताया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नावें वहां से गुजर रही हैं.

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मध्य पूर्व में जारी तनातनी के बीच ईरान को लेकर रुख साफ करते ट्रंप.  (File Photo: Reuters) मध्य पूर्व में जारी तनातनी के बीच ईरान को लेकर रुख साफ करते ट्रंप. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:54 AM IST

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि होर्मुज खुला है और बड़ी संख्या में नावें वहां से गुजर रही हैं. ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को भी बेहद असरदार बताया. इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि 19 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 65 कारोबारी जहाजों का रास्ता बदला, तीन को निष्क्रिय किया, जबकि दो जहाजों पर सवार होकर जांच की.

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ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि 'स्ट्रेट खुला है. बहुत सारी नावें वहां से गुजर रही हैं'. उनका कहना था कि इस बारे में लोग जानकारी नहीं दे रहे हैं. उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को बेहद प्रभावी बताया. साथ ही कहा कि अब आगे क्या होता है, यह देखा जाएगा. 

वहीं, अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ औपचारिक बातचीत किसी समय फिर शुरू हो सकती है. हालांकि फिलहाल उनका मानना है कि स्थिति काफी अच्छी है. ईरान के परमाणु हथियार को लेकर उन्होंने साफ कहा कि उसके पास परमाणु हथियार नहीं होगा.

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नियंत्रित कर रहा है. उनके मुताबिक, ईरान कभी-कभार ड्रोन पर हमला करता है, लेकिन उन्होंने इसे सिर्फ परेशानी पैदा करने वाली बात बताया. यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज अमेरिका-ईरान तनाव का सबसे अहम केंद्र बना हुआ है. यह ,स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल का कारोबार होता है.

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65 जहाजों का रास्ता बदला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि 19 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 65 कारोबारी जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया. तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि दो पर अमेरिकी बलों ने सवार होकर जांच की. कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी लागू कराने के लिए की जा रही है.

कैसे शुरू हुआ अमेरिका-ईरान तनाव?

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 28 फरवरी से हुई थी, जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की थी. इसके बाद अमेरिका-इजरायल ने ईरान में सैन्य, सरकारी तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े ठिकानों पर हमले किए.

जून में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत भी शुरू हुई थी. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच हमले जारी रहे. ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस टकराव का सबसे बड़ा तनाव वाला क्षेत्र बना हुआ है.
 

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