मंगलवार (8 सितंबर) को एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रोवाइडर नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) में तकनीकी खराबी के बाद ब्रिटेन के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों फ्लाइट्स में देरी हुई और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. इस तकनीकी समस्या से हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड और कई अन्य एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ.
हालांकि, फ्लाइट्स का डिपार्चर जारी रहा और ब्रिटेन का एयरस्पेस खुला रहा. NATS ने बाद में बताया कि उसने समस्या का समाधान लागू कर दिया है और उसके सिस्टम धीरे-धीरे रिकवर होने लगे हैं. NATS ने शुरुआत में बताया था कि समस्या उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में थी और इंजीनियर सामान्य संचालन बहाल करने के लिए काम कर रहे थे. NATS ने कहा कि फ्लाइट्स अभी भी रवाना हो रही हैं और एयरस्पेस खुला है, लेकिन रिकवरी में कुछ समय लगेगा.
ब्रिटेन के सबसे बड़े एयरपोर्ट हीथ्रो ने कहा कि वह समस्या को दूर करने के लिए NATS के साथ समन्वय कर रहा है. फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, तकनीकी समस्या के कारण लंदन फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन के एयरपोर्ट्स पर आने और जाने वाली उड़ानों को रेगुलेट किया जा रहा था.
100 फ्लाइट्स कैंसिल
तकनीकी खराबी का असर जल्द ही बड़ी देरी और कैंसिलेशन के रूप में दिखाई दिया. FlightAware के आंकड़ों के अनुसार, हीथ्रो पर करीब 100 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जबकि 367 में देरी हुई. गैटविक पर करीब 250 फ्लाइट्स लेट हुईं, जो एयरपोर्ट की कुल फ्लाइट्स का लगभग 31 फीसदी था. मंगलवार दोपहर तक प्रभावित एयरपोर्ट्स पर करीब 300 कैंसिलेशन की जानकारी सामने आई, जबकि NATS के सिस्टम सामान्य होने की ओर बढ़ रहे थे.
लंदन के बाहर के एयरपोर्ट्स भी प्रभावित हुए. एडिनबर्ग एयरपोर्ट ने यात्रियों को चेतावनी दी कि तकनीकी समस्या से उसके ऑपरेशंस प्रभावित हो सकते हैं. वहीं, डबलिन एयरपोर्ट ने कहा कि ब्रिटेन से आने और ब्रिटेन के लिए जाने वाली फ्लाइट्स भी प्रभावित हो रही थीं. ल्यूटन और बर्मिंघम एयरपोर्ट्स के साथ एबरडीन और ग्लासगो में भी देरी या कैंसिलेशन की जानकारी दी गई.
एयरलाइंस को भी अपने ऑपरेशंस में बदलाव करना पड़ा. ब्रिटिश एयरवेज ने कहा कि NATS की समस्या के कारण उसे भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एयरलाइन ने कहा कि यह पूरी तरह उसके नियंत्रण से बाहर है और उसकी टीमें यात्रियों को जल्द से जल्द उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं. यह घटना ब्रिटेन के एविएशन नेटवर्क में पहले हुई तकनीकी खराबियों के बाद सामने आई है. 2024 में ब्रिटेन के एविएशन रेगुलेटर ने कहा था कि पिछले साल फ्लाइट-प्लान प्रोसेसिंग में आई खराबी के बाद NATS को अपनी आकस्मिक व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है.
पहले हुआ था इतना नुकसान
एयरलाइन अधिकारियों ने अनुमान लगाया था कि पिछली तकनीकी खराबी से इंडस्ट्री को रिफंड और मुआवजे के रूप में 100 मिलियन पाउंड से अधिक का नुकसान हुआ था. पिछले साल जुलाई में रडार से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण भी हीथ्रो और अन्य प्रमुख एयरपोर्ट्स पर चार घंटे से अधिक समय तक उड़ानें प्रभावित हुई थीं.
NATS ने X पर पोस्ट कर कहा कि उसने समस्या का समाधान लागू कर दिया है और उसका फ्लाइट सिस्टम रिकवर होना शुरू हो गया है.
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