UAE पर यमन में ईरान समर्थित हूतियों को गुप्त रूप से मदद देने का आरोप लगा है. जांच वेबसाइट ड्रॉप साइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, UAE यमन में सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हूतियों को खुफिया जानकारी और निशाना तय करने से जुड़ी मदद दे रहा है. हालांकि, यह मदद सिर्फ यमन के अंदर सऊदी समर्थित बलों को निशाना बनाने तक सीमित बताई गई है और सऊदी अरब के अंदर हमलों के लिए खुफिया जानकारी देने की बात नहीं कही गई है.
यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब UAE और सऊदी अरब के बीच यमन को लेकर मतभेद बढ़े हैं. दोनों देश कभी यमन में हूतियों के खिलाफ एक ही गठबंधन का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने वहां अलग-अलग यमनी गुटों का समर्थन किया. UAE ने जनवरी में यमन के अंदर अपने अभियान से हटने का ऐलान किया था.
सऊदी अरब और UAE ने 2015 में यमन में हस्तक्षेप किया था. उस समय हूतियों ने सना पर कब्जा कर लिया था और दक्षिण की ओर बढ़ रहे थे. दोनों देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में गठबंधन का हिस्सा थे. हालांकि, हूतियों के खिलाफ दोनों देशों का रुख एक जैसा होने के बावजूद उन्होंने यमन में अलग-अलग गुटों का समर्थन किया. सऊदी अरब ने मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का समर्थन किया, जबकि UAE ने दक्षिणी अलगाववादी गुटों, खासकर दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद का समर्थन किया.
अलगाववादियों को समर्थन देने का आरोप
पिछले साल दिसंबर में सऊदी अरब ने UAE पर यमन में अलगाववादियों को समर्थन देने का आरोप लगाया था. इसके बाद यमनी सरकार ने भी UAE से अपनी सेना वापस बुलाने की मांग की, जिसका सऊदी अरब ने समर्थन किया. जनवरी में UAE ने यमन से अपनी सेना वापस लेने का ऐलान किया था.
हूतियों को कैसे मदद दे रहा UAE
ड्रॉप साइट को चार सूत्रों ने बताया कि UAE से जुड़े यमनी बल हूतियों को सऊदी समर्थित सरकारी बलों को निशाना बनाने में मदद कर रहे हैं. वहीं, दो अन्य सूत्रों ने दावा किया कि UAE खुद हूतियों को यमन के अंदर उनके विरोधियों को निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी दे रहा है.
एक यमनी सूत्र ने दावा किया कि UAE ने सना में हूती अधिकारियों को बड़ी मात्रा में खुफिया जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने UAE के प्रति वफादार सैन्य कमांडरों से भी संपर्क कायम किया है. UAE ने इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हूतियों की ओर से सऊदी समर्थित बलों के कमांडरों को निशाना बनाने और उनके सैनिकों की गतिविधियों का पहले से पता लगाने की क्षमता हाल में दो हमलों में दिखाई दी. 2 और 7 अक्टूबर को अदन के पश्चिम में गठबंधन के एक सैन्य अड्डे पर सटीक हमले किए गए.
अमेरिका ने UAE को दी चेतावनी
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने UAE को हूतियों को कथित गुप्त मदद देने को लेकर चेतावनी दी और अबू धाबी से इसे रोकने को कहा.
हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने हालांकि कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि UAE और हूतियों के बीच सऊदी अरब के खिलाफ कोई गठबंधन है. उन्होंने कहा कि UAE संघर्ष में तटस्थ रहने के लिए प्रतिबद्ध है और सऊदी अरब के साथ यमन में दोबारा शामिल होने से इनकार कर चुका है.
यमन में संघर्ष और बढ़ा
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब हूतियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है. पिछले महीने हूतियों ने यमन के लाल सागर तट के रणनीतिक इलाकों पर कब्जा किया. हालांकि, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की कोशिशों को काफी हद तक रोक दिया गया. हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और तेल ठिकानों पर भी हमले किए हैं. वहीं, सऊदी अरब ने हूतियों के खिलाफ हमले तेज करते हुए मिसाइल भंडार और सुरंगों को निशाना बनाया है.
संघर्ष खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं. इजराइल के अखबार इजराइल हायोम की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने युद्धविराम और तेल निर्यात बहाल करने के लिए हूती विद्रोहियों को 1 अरब डॉलर की पेशकश की है. यह प्रस्ताव मक्का समझौते के तहत सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान की बैठक में चर्चा में आया था. बैठक में ईरानी अधिकारी भी शामिल हुए थे.
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