ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की बात करने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसे रास्ते की तलाश में दिख रहे हैं, जिससे इस युद्ध से बाहर निकला जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप अब परमाणु मुद्दे को अलग रखकर ईरान के साथ संघर्ष को जीत के तौर पर पेश करने पर विचार कर रहे हैं, अगर तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल देता है.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, ट्रंप ने पिछले कुछ हफ्तों में इस तरह के नतीजे की जमीन तैयार की है और सीनियर सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह ईरान के साथ परमाणु समझौते के बिना भी पीछे हट सकते हैं. हालांकि, ईरान ने खोलने के लिए कई बड़ी मांगें रख दी हैं. इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और अन्य रियायतें शामिल हैं.
होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही रोकने की ईरान की क्षमता ने उसे काफी बढ़त दी है. मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कमर्शियल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है. अमेरिका ने ईरान की पाबंदियों और जहाजों पर टोल लगाने की कोशिश को खारिज किया है.
ईरान ने क्या कहा
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाकर ने कहा है कि अमेरिका को युद्ध स्थायी रूप से खत्म करना होगा, नौसैनिक नाकाबंदी हटानी होगी, अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाना होगा, प्रतिबंध हटाने होंगे, ईरान की जब्त संपत्ति लौटानी होगी और युद्ध का मुआवजा देना होगा. उन्होंने अमेरिकी धमकियां और ईरान के क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की भी मांग की.
ट्रंप के लिए घरेलू दबाव भी बढ़ रहा है. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में तीन महीने से कम समय बचा है और युद्ध शुरू होने के बाद पेट्रोल की कीमतें पहले से ज्यादा हैं. ट्रंप ने हाल में कहा था कि ईरान के साथ समझौता जल्द होने वाला है, लेकिन अभी कोई समझौता नहीं हुआ है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि अमेरिका दबाव बनाए रखेगा.
परमाणु मुद्दा केंद्र में रहा है
परमाणु मुद्दा अप्रैल से अमेरिका-ईरान तनाव का केंद्र रहा है. हालांकि, बातचीत मुश्किल होने के बाद व्हाइट हाउस ने होर्मुज को फिर खोलने पर ज्यादा जोर दिया है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को फिर शुरू करना मुश्किल होगा. ईरान की आर्थिक मांगें भी समझौते में बड़ी रुकावट बन सकती हैं. तेहरान युद्ध का मुआवजा और विदेशों में जमा अपनी संपत्ति वापस चाहता है. अमेरिका के सामने सवाल यह है कि क्या वह कुछ ईरानी संपत्तियां जारी करने और तेल बेचने पर प्रतिबंधों में छूट देने के लिए तैयार होगा.
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