तारिक रहमान के भारत दौरे को यादगार बनाना चाहते हैं PM मोदी, हाई कमिश्नर ने बताया

भारतीय हाई कमिश्नर का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रहमान के नई दिल्ली दौरे पर अनिश्चितता है. शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग से दोनों देशों के रिश्तों पर दबाव है. भारत संवाद, भरोसे, कारोबार और लोगों के बीच संपर्क को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है.

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तारिक रहमान का भारत दौरा अभी फाइनल नहीं है. (Photo- ITG) तारिक रहमान का भारत दौरा अभी फाइनल नहीं है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:51 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का प्रस्तावित भारत दौरा यादगार बने. ढाका में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने यह बात ऐसे समय कही है, जब 12-13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रहमान के नई दिल्ली दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. दोनों देशों के रिश्तों पर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की ढाका की मांग को लेकर भी नया दबाव है.

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ढाका में मंगलवार को भारतीय उच्चायोग की तरफ से बांग्लादेश के बड़े कारोबारी नेताओं और सीआईआई के एक प्रतिनिधिमंडल के लिए आयोजित कार्यक्रम में दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पीएम मोदी ने साफ कहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात जरूरी है.

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भारतीय हाई कमिश्नर ने यह भरोसा भी दिलाया कि भारत दौरे पर रहमान का वैसा ही सम्मानजनक स्वागत होगा, जिसके वह हकदार हैं. उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच नजदीकी बढ़ने का फायदा आखिरकार दोनों देशों के लोगों और कारोबार को मिलेगा.

बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं तमाम मुद्दे!

टीबीएसन्यूज डॉट नेट के मुताबिक, दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पुराने मतभेदों को सुलझाते हुए आगे बढ़ना चाहिए और ठहराव नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा कि जीवंत लोकतंत्रों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं. उन्हें बातचीत और संपर्क से सुलझाया जा सकता है. उनका कहना था कि भारत बांग्लादेश के लोगों की चिंताओं को गहराई से समझता है, लेकिन यह बराबरी की साझेदारी है.

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दिनेश त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि किसी भी लंबे रिश्ते की बुनियाद आपसी और बिना शर्त भरोसा होता है. भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने कुछ अड़चनें देखी हैं, लेकिन इससे बड़े रिश्ते को कमजोर नहीं होने देना चाहिए.

कंपनियों से आपसी निवेश की अपील

दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश की नई पीढ़ी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत नए बांग्लादेश के साथ मिलकर युवाओं के लिए ज्यादा मौके बनाना चाहता है. उन्होंने कहा कि दोनों देश सिर्फ सीमा नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, सपने और आकांक्षाएं भी साझा करते हैं. इसी वजह से लोगों के बीच रिश्तों और कारोबारी भागीदारी को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने भारतीय और बांग्लादेशी कंपनियों से व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की अपील की. सीआईआई का प्रतिनिधिमंडल भी इसी मकसद से ढाका दौरे पर है.

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