श्रीलंका ईस्टर ब्लास्ट केस में बड़ा फैसला! अदालत ने 15 दोषियों को सुनाई 220 साल की सजा

श्रीलंका की अदालत ने 2019 के ईस्टर संडे आत्मघाती हमलों के मामले में 15 आरोपियों को दोषी करार दिया है. अदालत ने दोषियों को 220 साल की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषियों की सभी संपत्तियां भी कुर्क करने का आदेश दिया. बता दें कि इन हमलों में करीब 270 लोग मारे गए थे, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे.

Advertisement
अदालत ने श्रीलंका ईस्टर हमलों में 24 में से 9 आरोपियों को बरी किया. (Photo- AFP) अदालत ने श्रीलंका ईस्टर हमलों में 24 में से 9 आरोपियों को बरी किया. (Photo- AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:41 AM IST

श्रीलंका की एक अदालत ने साल 2019 के दहला देने वाले ईस्टर संडे आत्मघाती हमलों के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोलंबो की ट्रायल-ए-बार ने मंगलवार को इस मामले में 15 आरोपियों को दोषी करार दिया है.

अदालत ने दोषियों को 220 साल की कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों की चल और अचल संपत्ति को भी राज्य के पक्ष में कुर्क करने का आदेश दिया है.

Advertisement

बता दें कि 21 अप्रैल 2019 को ईस्टर संडे के दिन ISIS से जुड़े स्थानीय चरमपंथी संगठन 'नेशनल तौहीद जमात' से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने सिलसिलेवार धमाके किए थे. इन भयानक हमलों में तीन कैथोलिक चर्च और लग्जरी होटल दहल गए थे. 

इस दर्दनाक हादसे में 11 भारतीयों समेत करीब 270 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 500 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

24 में से 9 आरोपी बरी

करीब पांच साल तक चले लंबे मुकदमे के बाद मंगलवार को तीन न्यायाधीशों- नवरत्ने मारसिंघे, रामनाथन कन्नन और सुजीवा निसंका की बेंच ने अपना फैसला सुनाया. अदालत ने कुल 24 आरोपियों में से 15 को दोषी ठहराया, जबकि 9 आरोपियों को बरी कर दिया. 

शुरुआत में इस मामले में 25 लोगों पर आरोप तय किए गए थे, लेकिन एक संदिग्ध की मौत के बाद अक्टूबर 2021 में 24 लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया था.

Advertisement

23 हजार से ज्यादा आरोप और हजारों गवाह

इन आरोपियों के खिलाफ कुल 23,270 आरोप दर्ज किए गए थे, जिनकी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 2,309 गवाहों ने अपनी गवाही दी. इन सभी पर आतंकवाद निवारण अधिनियम (PTA) के तहत हत्या, हत्या की कोशिश, आतंकवाद की साजिश रचने, मदद करने, हथियार और विस्फोटक रखने के आरोप साबित हुए. 

सजा पाने वालों में मुख्य आरोपी मोम्हादु इब्राहिम मोम्हादु नौफर उर्फ 'नौफर मौलवी' भी शामिल है, जिसके संबंध मास्टरमाइंड जहराण हाशिम से थे. जहराण हाशिम वही शख्स था जिसने शांगरी-ला होटल में खुद को उड़ाया था.

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी सजाएं

इस मामले में इससे पहले जुलाई महीने में पूर्व पुलिस प्रमुख पुजिथ जयसुंदरा और रक्षा मंत्रालय के तत्कालीन शीर्ष अधिकारी हेमासिरी फर्नांडो को भी अदालत से सजा मिल चुकी है. खुफिया इनपुट होने के बावजूद समय पर कार्रवाई न करने और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया था. 

इस हमले के बाद देश में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया था, क्योंकि तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे पर खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज करने के आरोप लगे थे. 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों के परिवारों को भारी मुआवजा देने का भी आदेश दिया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »