अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग जल्द मिलने वाले हैं. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग की वॉशिंगटन में मुलाकात हुई. इस दौरान अमेरिका-चीन आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को लेकर बातचीत हुई.
अमेरिकी और चीनी डेलिगेशन के बीच ये व्यापार वार्ता लंच ब्रेक के लिए कुछ समय के लिए रुकी. लंच ब्रेक के दौरान चीनी डेलिगेशन खाने के लिए परिसर से बाहर गया, जबकि अमेरिकी डेलिगेशन ने इमारत में ही लंच किया. लंच के बाद दोनों पक्षों के प्रतिनिधि वापस लौटे और बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू हुआ.
बैठक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के क्षेत्र में संभावित समझौतों के लिए साझा आधार तलाश रहे हैं. अगले सप्ताह इन मुद्दों पर कई अहम ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है.
सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी डेलिगेशन एक ऐसे समझौते के फॉर्मेट पर काम कर रहा है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने से पहले सीधा 'हां या ना' में अपना आखिरी फैसला दे सकें.
जेलेंस्की ने भी की ट्रंप से बात
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की. वार्ता के बाद जेलेंस्की ने बताया, 'मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की. ये एक अहम बातचीत थी, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. हम न्यूयॉर्क में मिलने के लिए सहमत हुए हैं और ये मुलाकात काफी कुछ बदल सकती है. राजनयिक गतिविधियों में तेजी आई है.'
जेलेंस्की ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी दल ने यूक्रेन के जमीनी हालात को खुद देखा है.
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यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया किया कि शांति प्रक्रिया उनकी पहली प्राथमिकता है. इसमें तनाव कम करने, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा जैसे सुरक्षा मुद्दों पर विचार शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने लिंडसे ग्राहम विधेयक को कानून के रूप में मंजूरी देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का धन्यवाद किया.
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