मालदीव से मोदी ने साधा पाकिस्तान पर निशाना, कहा- आतंकवाद पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस की जरूरत

प्रधानमंत्री पद की दोबारा शपथ लेने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर शनिवार को मालदीव पहुंचे नरेंद्र मोदी ने मालदीव की संसद में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पानी अब सिर के ऊपर से जा रहा है. उन्होंने कहा, अब भी कुछ लोग गुड टेररिस्ट और बैड टेररिस्ट में फर्क करने की गलती कर रहे हैं.

Advertisement
maldives maldives

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2019,
  • अपडेटेड 10:37 PM IST

प्रधानमंत्री पद की दोबारा शपथ लेने के बाद अपने पहले विदेश दौरे पर शनिवार को मालदीव पहुंचे नरेंद्र मोदी ने मालदीव की संसद में आतंकवाद को लेकर बिना नाम लिए पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पानी अब सिर के ऊपर से जा रहा है. उन्होंने कहा, अब भी कुछ लोग गुड टेररिस्ट और बैड टेररिस्ट में फर्क करने की गलती कर रहे हैं. उन्होंने ग्लोबल कॉन्फ्रेन्स को जरूरी बताते हुए कहा कि  आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है.

Advertisement

पीएम मोदी ने कहा कि इससे निपटना बड़ी चुनौती है. हमने इसे चुनौती के रूप में नहीं लिया तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और ना ही हथियारों की फैक्टरी, फिर भी उन्हें पैसे और हथियारों की कभी कमी नहीं होती. पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आज राज्य प्रायोजित आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है. उन्होंने ने कहा कि आतंवाद किसी एक देश के लिए नहीं, संपूर्ण मानवता के लिए खतरा है. यह संपूर्ण विश्व के लिए चुनौती है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरता की चुनौती से लड़ने के लिए विश्व समुदाय का एकजुट होना जरूरी है.

भारत और मालदीव के पुराने संबंधों का  जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए मालदीव से बड़ा कोई भागीदार नहीं है. भारत और मालदीव के संबंध इतिहास से भी पुराने हैं. सागर की लहरें दोनों देशों के तट पखार रही हैं. ये लहरें हमारे लोगों के बीच मित्रता का संदेश-वाहक रही हैं. हमारी संस्कृति इन तरंगों की शक्ति लेकर फली-फूली हैं. पीएम मोदी ने पड़ोसी पहले को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अच्छे-बुरे वक्त में आपसी विश्वास को हम और पुख्ता करेंगे. भारत ने अपनी उपलब्धियों को हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ साझा किया है. उन्होंने कहा कि मालदीव में स्वतंत्रता, लोकतंत्र, खुशहाली और शांति के समर्थन में भारत मालदीव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है. पीएम मोदी ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे वह 1988 की घटना हो, या 2004 की सुनामी या फिर हाल का पानी-संकट. हमें गर्व है कि भारत हर मुश्किल में, आपके हर प्रयास में हर घड़ी हर कदम आपके साथ चला है.

Advertisement

मालदीव की संसद से मोदी का यह संदेश कितना रंग लाएगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है. लेकिन इतना जरूर है कि पीएम मोदी के  इस संबोधन से यह स्पष्ट हो गया कि वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता और संयुक्त संघर्ष के अपने रूख पर कायम हैं.  पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब उनके दूसरी बार देश की सत्ता संभालने के बाद पड़ोसी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कई दफे दोनों देशों के बीच वार्ता की इच्छा जाहिर कर दी. दूसरी तरफ कश्मीर में आतंकवादियों की सक्रियता में भी इजाफा हुआ है. आतंकवादी सीआरपीएफ के कैंप पर हमला कर चुके हैं, जिसे जवानों की सतर्कता ने विफल कर दिया था. 30 मई से अब तक सेना ने घाटी में एक दर्जन से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है. पीएम मोदी के संबोधन को पुरानी नीति में कोई बदलाव नहीं करने के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि पाक ने आतंक पर लगाम नहीं लगाई तो भारत सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को अंजाम देने से पीछे नहीं हटेगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »