अब सऊदी का एजेंट बना पाकिस्तान! हूती अटैक से बचाया तो नहीं लेकिन ईरान को दे रहा वार्निंग

हूतियों ने सऊदी अरब के चार शहरों पर हमला किया, अमेरिकी बलों ने ईरानी तेल टैंकर नष्ट किए और पाकिस्तान ने ईरान से हूतियों पर लगाम लगाने को कहा. ईरान ने हूतियों को स्वतंत्र बताया, जबकि बढ़ते हमलों ने खाड़ी में शिपिंग और ऊर्जा सप्लाई पर नया खतरा खड़ा कर दिया.

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सऊदी-पाकिस्तान-तुर्की ने रक्षा समझौता किया हुआ है. (Photo- ITG) सऊदी-पाकिस्तान-तुर्की ने रक्षा समझौता किया हुआ है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:45 AM IST

सऊदी अरब पर हूतियों के बढ़ते हमलों के बीच पाकिस्तान ने ईरान को बड़ी चेतावनी दी है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटे के दौरान तेहरान तक यह संदेश पहुंचाया है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके हूतियों को सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए कहे. ईरान को यह मैसेज तब दिया गया है जब हूती ने बीते दिनों सऊदी के तेल ठिकानों पर हमले किए थे. 

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पाकिस्तान की इस दखल को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से सऊदी अरब और ईरान, दोनों के साथ अपने रिश्तों को संभालता रहा है. अब इस्लामाबाद को डर है कि हूती हमले अगर और बढ़े तो प्रॉक्सी जंग एक बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा संकट में बदल सकती है.

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ईरान बोला- हूतियों पर हमारा कंट्रोल नहीं

एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने मंगलवार को तेहरान तक अपना संदेश पहुंचाया था. ईरान की तरफ से जवाब दिया गया कि "ईरान हूतियों को कंट्रोल नहीं करता." हालांकि, रिपोर्ट में बताया गया है कि दो ईरानी सूत्रों ने अलग दावा किया है. उनके मुताबिक, तेहरान ने पिछले हफ्ते हूतियों से सऊदी अरब पर हमले करने को कहा था.

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दावा है कि ईरान ने इसके लिए अतिरिक्त पैसा और हथियार देने का वादा भी किया था. साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कई कमांडर हमलों के तालमेल में मदद के लिए यमन पहुंचे थे.

सऊदी की रक्षा में पाकिस्तान-तुर्की की तैयारी

पाकिस्तान की चेतावनी का एक बड़ा कारण सऊदी अरब के साथ उसका डिफेंस पैक्ट भी है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहले ही कहा है कि अगर हमले सऊदी की जमीन तक फैलते हैं तो रियाद, अंकारा और इस्लामाबाद के बीच ज्वाइंट सिक्योरिटी अरेंजमेंट सामने आ सकता है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अधिकारियों ने रियाद में पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की है. तीनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि उनकी सेनाएं यमन में दाखिल नहीं होंगी और किसी भी जवाबी कार्रवाई को सऊदी की जमीन से अंजाम दिया जाएगा.

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