पाकिस्तान में भी दिवाली की धूम! PM शहबाज ने दी बधाई, जरदारी बोले- हिंदू समुदाय देश का अटूट हिस्सा

पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हिंदू समुदाय को दिवाली की बधाई दी है. दोनों नेताओं ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता पर जोर दिया. उन्होंने दिवाली को नफरत पर रोशनी की जीत बताया और देश के विकास में हिंदू समुदाय के योगदान को सराहा.

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शहबाज शरीफ और जरदारी ने दिवाली पर खास संदेश साझा किया. (Photo- AP) शहबाज शरीफ और जरदारी ने दिवाली पर खास संदेश साझा किया. (Photo- AP)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 08 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST

भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी दीपों के त्याहोर यानी दिवाली की धूम देखने को मिल रही है. पाकिस्तान में भी दिवाली का खासा जोश है और इस मौके पर वहां के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुनिया भर के हिंदू समुदाय और विशेष रूप से अपने देश में रहने वाले हिंदुओं को बधाई दी है.

दीपावली के इस मौके पर पाकिस्तान में भी हिंदू समुदाय के लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और दीये जलाकर खुशियां मनाईं. इस बीच आसिफ अली और शहबाज शरीफ ने रविवार को जारी अपने अलग-अलग संदेशों में आपसी भाईचारे और देश के विकास में अल्पसंख्यक समुदाय के योगदान की तारीफ की.

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रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति जरदारी और प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने संदेश में कहा कि दिवाली का ये त्योहार नफरत, असहिष्णुता और निराशा के अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है. ये पर्व मानव संबंधों और सामाजिक जीवन में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का संदेश देता है.

हिंदू समुदाय देश का अटूट हिस्सा

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने संदेश में कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने पाकिस्तान के हिंदू समुदाय को राष्ट्रीय जीवन का एक अटूट हिस्सा बताया.

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यवसाय, जनसेवा, समाज कल्याण और कला-संस्कृति के क्षेत्रों में हिंदू समुदाय का योगदान की रहा है, जिसने देश को समृद्ध बनाया है.

यह भी पढ़ें: 'फर्जी सरकार' चला रहे शहबाज शरीफ? पाकिस्तान में विपक्षी नेता ने सेना को भी घेरा

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वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हिंदू समुदाय को देश के सामाजिक ताने-बाने का जरूरी हिस्सा करार दिया. उन्होंने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि धर्म, विश्वास, रंग या नस्ल के भेदभाव के बिना देश के सभी नागरिकों के अधिकारों, गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की जाएगी.

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