किसी की पत्नी-बच्चे बहे, कोई तस्वीर लेकर भाई को ढूंढ रहा... नेपाल बाढ़ के बाद का मंजर

भीषण फ्लैश फ्लड से नेपाल के रसुवा जिले में 270 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. अब तक 1500 से ज्यादा लोग लापता है. बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाकों में लगातार लोगों की तलाश कर रहे है. हादसे के बाद कई पर्यटक भी लापता हैं, जिनमें भारतीय टूरिस्ट भी शामिल हैं.

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नेपाल बाढ़ में कई परिवारों की जिंदगियां बर्बाद हो गई. (Photo-PTI) नेपाल बाढ़ में कई परिवारों की जिंदगियां बर्बाद हो गई. (Photo-PTI)

aajtak.in

  • काठमांडू,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

नेपाल में बुधवार को आए भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाईच. बाढ़ और मलबे के तेज बहाव में अब तक 270 लोगों की मौत हो चुकी है. 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार लोगों की तलाश कर रहे हैं। यह नेपाल में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक है.

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रसुवा जिले के सीमावर्ती शहर तिमुरे में तबाही सबसे ज्यादा हुई है. 38 साल के गिरी लाल ने इस हादसे में अपना पूरा परिवार खो दिया. उनकी पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां बाढ़ में बह गए. गिरी लाल स्थानीय कचरा प्रबंधन कार्यालय में ट्रक चलाते हैं. हादसे में वह खुद भी घायल हो गए. उनका इलाज काठमांडू के एक सरकारी अस्पताल में चल रहा है. यह अस्पताल तिमुरे से करीब 160 किलोमीटर दूर है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाढ़ इतनी तेजी से आई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. कई लोगों को लगा कि भूकंप आ गया है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह सुबह करीब 8 बजकर 40 मिनट पर नाश्ता कर रहा था. तभी तिमुरे में बाढ़ आने की खबर मिली. लोगों ने कहा कि तिमुरे पूरी तरह खत्म हो गया है. कुछ भी नहीं बचा है.

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उन्होंने बताया कि उसकी आंखों के सामने बाजार और पूरी बस्ती तबाह हो गई. पानी और कीचड़ का तेज बहाव कई फीट ऊंचा था. देखते ही देखते घर और दूसरी इमारतें इसकी चपेट में आ गईं.

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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं सुनीता आहूजा बाढ़ में फंसीं

अपने पति दीपक आहूजा के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं सुनीता आहूजा बाढ़ के बाद चीन के इलाके में फंस गई हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. सुनीता ने कहा कि तबीयत खराब होने की वजह से वह और उनके पति तीन दिन पहले नीचे आ गए थे. इसके बाद आई बाढ़ में वे फंस गए. 

उन्होंने बताया कि वहां भारतीय नागरिकों के साथ स्थानीय लोग भी परेशान हैं. किसी को यह जानकारी नहीं मिल रही है कि कहां जाना है और कैसे वापस लौटना है. 

सुनीता ने कहा कि उनकी तबीयत खराब है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है. खाने-पीने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. उन्होंने प्रधानमंत्री से चीन सरकार से बात कर फंसे भारतीयों के लिए रेस्क्यू और घर वापसी की इजाजत दिलाने की अपील की है.

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लापता लोगों की तलाश जारी

कई परिवार अपने लापता लोगों की तलाश में अस्पतालों और राहत केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं. लिपा सपकोटा अपने भाई साबी की तस्वीर लेकर लोगों से उनके बारे में पूछ रही हैं. साबी बुधवार सुबह से लापता हैं. लिपा ने बताया कि कुछ शव मिले हैं. लेकिन उनकी हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो रहा था.

सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में बाढ़ की भयावह तस्वीरें दिख रही हैं. वीडियो में घर, लोग और जानवर तेज बहाव में बहते दिखाई दे रहे हैं. बचाव दल के प्रभावित इलाकों में पहुंचने के बाद तबाही का बड़ा रूप सामने आया.

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं. इनमें कम से कम 579 पर्यटक हैं. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने बताया कि करीब 300 भारतीय पर्यटक भी लापता हैं.

अधिकतर पर्यटक कैलाश मानसरोवर और नेपाल के गोसाइंकुंड की यात्रा पर जा रहे थे. अधिकारियों के अनुसार इन लोगों की तलाश के लिए अभियान तेज किया गया है.

बर्फ और चट्टानों के मलबे से आई बाढ़

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अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की शुरुआत एक बड़े बर्फ और चट्टानों के मलबे के गिरने से हुई. इस मलबे ने भोटे कोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का रास्ता रोक दिया. इसके बाद पानी और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया। सबसे पहले रसुवा प्रभावित हुआ. बाद में बाढ़ दूसरे जिलों तक फैल गई.

बाढ़ से नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है. 35 मोटर योग्य पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं. 45 झूला पुल भी टूट गए हैं. करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़कें खराब हो गई हैं. राहत और बचाव अभियान अभी जारी है. लापता लोगों की तलाश में टीमें लगातार काम कर रही हैं.

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