आपदा में मिला सोना-चांदी बेचा तो खैर नहीं... नेपाल की लोगों को वार्निंग

अपील हाल ही में हुई एक घटना के बाद की गई है. इस घटना में धाडिंग ज़िले में 29 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने बाढ़ में बहकर आई बैंक की एक तिजोरी को तोड़कर उसमें से नकदी निकाल ली थी. जबकि कुछ लोग डेड बॉडी से ज्वैलरी निकाल रहे थे.

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नेपाल आपदा में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.  (Photo: REUTERS/Adnan Abidi) नेपाल आपदा में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (Photo: REUTERS/Adnan Abidi)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:20 PM IST

नेपाल पुलिस ने लोगों को चेताया है कि 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद मिले सोना, चांदी, नकदी और दूसरी कीमती चीज़ों को अपने पास न रखें, न बेचें और न ही बांटें; बल्कि ऐसी चीज़ों को नज़दीकी पुलिस स्टेशन में जमा करा दें. 

पुलिस ने रविवार को एक बयान में कहा कि जिन लोगों को ऐसी संपत्ति या ज़रूरी दस्तावेज़ मिलें, उन्हें अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने में मदद करनी चाहिए. पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसी चीज़ों का इस्तेमाल करना, उन्हें छिपाकर रखना, अपने पास रखना या उनकी खरीद-फरोख्त करना अपराध माना जा सकता है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

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पुलिस ने इस चेतावनी को किसी खास घटना से नहीं जोड़ा, लेकिन यह अपील हाल ही में हुई एक घटना के बाद की गई है. इस घटना में धाडिंग ज़िले में 29 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने बाढ़ में बहकर आई बैंक की एक तिजोरी को तोड़कर उसमें से नकदी निकाल ली थी.

कांतिपुर न्यूज़ पोर्टल के अनुसार यह तिजोरी गल्छी ग्रामीण नगरपालिका के बेलखुखोला में त्रिशूली नदी के किनारे मिली थी. बाद में संदिग्धों को गिरफ़्तार कर लिया गया. 

नेपाल पुलिस ने अलग से कहा है कि जब सुरक्षाकर्मी खोज और बचाव के कामों में लगे होते हैं, तो आपदाओं के दौरान चोरी, लूटपाट और धोखाधड़ी जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने (एवलांच) से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई. हिमालयी सीमावर्ती इलाके से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी अपने साथ नीचे ले गई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा.

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इस घटना में 1,300 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 5,000 लोग अभी भी लापता हैं. नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, प्रॉपर्टी, घरों और इंफ्रास्ट्रक्चर को लगभग 2.56 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. 

नेपाल से ऐसे कई वीडियो सामने आ रहे हैं. जिनमें मलबे के नीचे से नोटों की गड्डी या फिर महंगे सामान मिलते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे ही एक वीडियो में लोगों को नोटों की गड्डियां मिली थी.

एक दूसरे वीडियो में कुछ लोगों को डेड बॉडी से सोना चुराते हुए देखा गया था. इसके बाद पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती के आदेश दिए थे. 

इस बीच नेपाल ने इस हादसे से निपटने के लिए पड़ोसियों से हाथ बढ़ाने की भी अपील की है. भारत में नेपाल के दूतावास ने कहा है कि इस मानवीय संकट के जवाब में, बचाव और राहत कार्य चल रहे हैं, साथ ही प्रभावित समुदायों के पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद के प्रयास भी किए जा रहे हैं. मित्र देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नेपाली नागरिकों, प्रवासी नेपालियों, विदेशी नागरिकों और नेपाल व विदेशों में मौजूद शुभचिंतकों ने 'प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष' में लगातार आर्थिक सहायता दी है.

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भारत से योगदान की सुविधा के लिए, नई दिल्ली में नेपाल दूतावास के बैंक खाते के माध्यम से दान जमा करने की व्यवस्था की गई है, जिसे बाद में 'प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष' में भेज दिया जाएगा.

इसलिए, नई दिल्ली में नेपाल दूतावास भारत में रहने वाले नेपाली नागरिकों, प्रवासी नेपालियों, संघों और संगठनों, व्यापारिक समुदायों, नेपाल के मित्रों और अन्य सभी शुभचिंतकों से इस मानवीय प्रयास में दिल खोलकर योगदान करने की अपील करता है. 

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