नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. इसी बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. अमेरिकी दूतावास ने रसुवा जिले के रसुवागढ़ी-टिमुरे-स्याफ्रुबेँसी क्षेत्र और नेपाल-चीन सीमा नाके वाले इलाकों में किसी भी कारण से यात्रा नहीं करने की सलाह दी है. इन क्षेत्रों को ‘लेवल-4: यात्रा न करें’ श्रेणी में रखा गया है. वहीं नेपाल के बाकी हिस्सों के लिए ‘लेवल-2: अधिक सावधानी बरतें’ की एडवाइजरी जारी है.
अमेरिका के मुताबिक, 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ के बाद रसुवा के प्रभावित इलाकों में सड़क, यातायात और संचार व्यवस्था को खासा नुकसान पहुंचा है. खोज और बचाव के साथ राहत और री-लोकेशन का काम अभी जारी है. भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के आसपास के इलाकों में भी हालात को लेकर चिंता जताई गई है. आगे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है.
अमेरिकी नागरिकों को नदी किनारे और निचले इलाकों से दूर रहने के साथ क्षतिग्रस्त पुलों और अस्थिर पहाड़ी ढलानों के पास ना जाने की सलाह दी गई है. दूतावास ने साफ कहा है कि लापता लोगों की तलाश के लिए नागरिक खुद प्रभावित इलाकों में न जाएं. इसके साथ ही स्थानीय अधिकारियों की ओर से सुरक्षित स्थान पर जाने या बचाव से जुड़े निर्देश मिलने पर उनका पालन करने को कहा गया है.
बाढ़ के साथ प्रदर्शन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चिंता
पूरे नेपाल के लिए जारी लेवल-2 एडवाइजरी का एक बड़ा कारण नागरिकों के बीच अशांति भी है. अमेरिकी आकलन के मुताबिक, सितंबर 2025 में शुरू हुए देश में फैले प्रदर्शन फिलहाल रुके हुए हैं और मौजूदा सुरक्षा स्थिति स्थिर है. हालांकि शहरों में प्रदर्शन या स्थानीय स्तर पर अशांति दोबारा शुरू हो सकती है. आशंका है कि ये प्रदर्शन कम समय के नोटिस में शुरू होकर हिंसक भी हो सकते हैं. इसलिए अमेरिकी नागरिकों को भीड़ और प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी गई है.
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एडवाइजरी में नेपाल की स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित क्षमता का भी जिक्र किया गया है. काठमांडू के अस्पताल आम तौर पर देश के दूसरे हिस्सों से बेहतर हैं, लेकिन वहां भी भीड़, जरूरी उपकरण या दवाओं की कमी और इलाज शुरू होने से पहले पेमेंट की मांग जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. अमेरिकी नागरिकों को जरूरी दवाएं साथ रखने और मेडिकल इवैक्युएशन कवर वाला ट्रैवल इंश्योरेंस लेने की सलाह दी गई है.
नेपाल में भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी लगातार बना रहता है. खासकर जून से सितंबर के मानसून में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से सड़कें बंद हो सकती हैं और बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में अमेरिका ने नेपाल जाने वाले नागरिकों को Smart Traveler Enrollment Program (STEP) में रजिस्ट्रेशन कराने और सुरक्षा संबंधी अपडेट नियमित रूप से देखते रहने की सलाह दी है.
पंकज दास