नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं. बाढ़ और भूस्खलन वाले क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि 'स्थिति अब भी काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है'. इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, लापता नागरिकों को ढूंढना और घायलों का सही इलाज कराना है.
बालेन शाह ने गुरुवार को खुद नुवाकोट पहुंचकर जमीनी हकीकत परखी. मौके पर मौजूद प्रभावित नागरिकों, जन प्रतिनिधियों, जवानों समेत डॉक्टरों की टीम से चर्चा करते हुए उन्होंने नुकसान का आकलन किया. उनका कहना था कि प्रशासन अपनी पूरी ताकत झोंक चुका है, जिससे बेघर हुए लोगों तक समय रहते सुरक्षित ठिकाना, खाना-पानी पहुंचाया जा सके.
लापता लोगों की तलाश पर जोर
बाढ़ के बाद कई इलाकों में मुश्किलें कम नहीं हुई हैं, ऐसे में बालेन शाह ने लापता लोगों की तलाश को सबसे पहली प्राथमिकता बताया. सरकार का पूरा ध्यान घायलों के इलाज समेत प्रभावित परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाने पर टिका है. नुवाकोट का दौरा पूरा कर काठमांडू लौटने के बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत-बचाव अभियान आगे भी पूरी ताकत से जारी रहेगा.
अचानक आई बाढ़ ने बदले हालात
नेपाल में यह हादसा बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुआ था. अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में हालात बदल दिए. शुरुआत में इसकी वजह को लेकर अलग-अलग कयास लगाए गए. भूकंप, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF समेत कई संभावनाओं पर चर्चा हुई. बाद की जांच में सामने आया कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लिरुंग ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिरा था. इसके साथ बर्फ, पत्थर और भारी मलबा घाटी की तरफ आया. इसी वजह से नदी में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव बढ़ गया.
बाढ़ की ताकत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि स्याफ्रुबेसी में नदी किनारे की बस्तियां मलबे की चपेट में आ गईं. बेट्रावती बाजार में नदी का दायरा करीब 90 मीटर से बढ़कर 490 मीटर तक पहुंच गया.
बिदुर में भी नदी करीब 100 मीटर से फैलकर 549 मीटर चौड़ी हो गई. इससे नदी के किनारे बसे इलाकों में तबाही का असर साफ दिखा. अब सरकार की कोशिश प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश तेज करने पर है.
पंकज दास