नेपाल के सुनसरी में भड़की सांप्रदायिक हिंसा अब कई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में तोड़फोड़, पथराव और पुलिस से झड़प की घटनाएं देखने को मिली हैं. आधे दर्जन शहरों में कर्फ्यू का आदेश जारी किया गया. वहीं, अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है.
बताया जा रहा है कि देवानगंज में बोलबम यात्रा के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था. वहीं, मंदिर की सार्वजनिक भूमि पर मुहर्रम के अवसर पर लगाया गया मजहबी झंडा हटाने को लेकर पहले से ही एक विवाद चल रहा था.
आरोप है कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद झंडा नहीं हटाया गया. इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. जानकारी के मुताबिक, बीते रविवार की रात को जब कांवड़ यात्रा (बोलबम) की शुरुआत हो रही थी, तब अचानक कांवड़ियों पर हमला कर दिया गया.
इसके बाद विवाद बढ़ने से स्थिति हिंसक हो गई. पथराव और झड़प की घटनाओं के बीच पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया.
यह भी पढ़ें: नेपाल में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा से उबाल, छह से ज्यादा शहरों में कर्फ्यू, तीन की मौत
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए. घायलों का अस्पतालों में उपचार चल रहा है. घटना के बाद पूरे देवानगंज और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई.
इस बीच, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुनसरी जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में उत्पन्न विषम परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. इसके साथ ही सदियों से कायम सामाजिक, धार्मिक और जातीय सौहार्द, सहिष्णुता, आपसी मेल-मिलाप, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने की अपील की है.
सुनसरी में शुरू हुई हिंसा कई अन्य शहरों तक फैल गई. कई इलाकों पर सांप्रदायिक तनाव ने उग्र रूप लिया, जिसके बाद प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए. कई शहरों में इंटरनेट सेवाओं पर कड़ी निगरानी रखी गई, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गईं और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई.
स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने इनरवा, जनकपुर, सिरहा, गोलबाजार, लहान सहित कई शहरों में कर्फ्यू लगाया. संवेदनशील इलाकों में पुलिस के साथ सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना को भी तैनात किया गया. कई स्थानों पर सेना ने फ्लैग मार्च किया, जबकि हवाई निगरानी के जरिए हालात पर नजर रखी गई.
पंकज दास