मोजतबा खामेनेई का हिज्बुल्लाह को खुला समर्थन, बोले- जिहाद और प्रतिरोध के अलावा कोई रास्ता नहीं

मोजतबा खामेनेई का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है. हालांकि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुक गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे थोपे गए युद्ध को खत्म करने के लिए किसी भी समझौते में लेबनान के खिलाफ इजरायल की आक्रामक कार्रवाई को पूरी तरह समाप्त करना शामिल होना चाहिए.

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मोजतबा खामेनेई ने इजरायल के खिलाफ जारी हिज्बुल्लाह के पलटवार की तारीफ की (File Photo- Reuters) मोजतबा खामेनेई ने इजरायल के खिलाफ जारी हिज्बुल्लाह के पलटवार की तारीफ की (File Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:30 AM IST

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोमवार को हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान हिज्बुल्लाह के लड़ाकों की रक्षा को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है. साथ ही उन्होंने लेबनान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के खत्म करने की मांग की.

खामेनेई ने यह बयान हिज्बुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम और संगठन के लड़ाकों की ओर से भेजे गए समर्थन पत्र के जवाब में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया. उन्होंने हिज्बुल्लाह के धैर्य, गरिमा और बलिदान के लिए तारीफ की और संगठन को इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध के मोर्चे पर एक अडिग चट्टान करार दिया.

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मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान हिज्बुल्लाह की रक्षा और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे थोपे गए युद्ध को खत्म करने के लिए किसी भी समझौते में लेबनान के खिलाफ इजरायल की आक्रामक कार्रवाई को पूरी तरह समाप्त करना शामिल होना चाहिए.

उन्होंने कहा, 'जिहाद और प्रतिरोध के अलावा आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है.' मोजतबा ने दावा किया कि लगातार प्रतिरोध अंततः उन लोगों को ईश्वरीय जीत दिलाएगा, जो सत्य के लिए लड़ रहे हैं.

ईरानी नेता ने दक्षिणी लेबनान के लोगों के धैर्य और समर्थन की भी सराहना की. उन्होंने मारे गए हिज्बुल्लाह नेता सैयद हसन नसरल्लाह और प्रतिरोध आंदोलन के अन्य कमांडरों को श्रद्धांजलि दी. खामेनेई ने कहा कि हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने संगठन को एक नन्हे पौधे से शक्तिशाली पेड़ में बदल दिया और पूरे इस्लामी जगत में लेबनान का सम्मान बढ़ाया.

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दो दिनों से अमेरिका-ईरान में हमले रुके

गौरतलब है कि मोजतबा खामेनेई का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है. हालांकि पिछले दो दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुक गए हैं. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने फॉक्स न्यूज से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत को कुछ समय और अवसर दे रहे हैं. वहीं ईरान के सेना प्रवक्ता ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि अमेरिका ने पिछले दो रातों से हमले रोक रखे हैं और ईरान ने भी ऐसा ही किया है.

दोनों देशों के बीच अब भी शांतिवार्ता जारी

इसके अलावा ईरान ने सोमवार को कहा कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष रूप से संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. इससे संकेत मिलता है कि हफ़्तों तक चले सैन्य टकराव के बावजूद कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं. ये बातें तब सामने आईं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी हवाई हमलों को रोकने के बाद दोनों देशों ने लगातार तीसरे दिन नए हमले नहीं किए, जिससे थोड़ी उम्मीद जगी है कि टकराव और नहीं बढ़ेगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए तेहरान और वॉशिंगटन के बीच सक्रिय रूप से संदेश भेजे जा रहे हैं और मध्यस्थता की कोशिशें भी जारी हैं. उनके ये बयान तब आए जब दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया कि हमलों में हालिया रोक का मकसद कूटनीति के लिए गुंजाइश बनाना है, हालांकि तेहरान ने यह साफ़ कर दिया कि उसे वॉशिंगटन के इरादों पर अब भी गहरा शक है.

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नेतन्याहू मंगलवार को ट्रंप से करेंगे मुलाकात

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं. नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से कहा कि वह ईरान को कमजोर करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के ट्रंप के प्रयासों का पूरी तरह समर्थन करते हैं.

उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप बिना दोबारा बड़े सैन्य संघर्ष के ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में सफल होते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है. नेतन्याहू ने संकेत दिया कि वह ट्रंप को कोई नई जानकारी देने के बजाय यह सुनना चाहेंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति के मन में क्या योजना है.

हालांकि, उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने फिर से इजरायल पर सीधे या अपने सहयोगी सशस्त्र समूहों के जरिए हमला किया, तो यह उसकी बहुत बड़ी गलती होगी.

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